फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागराज नगर निगम : बड़े नेताओं की चुनाव से दूरी सपा को पड़ गई भारी, न अखिलेश आए न डिंपल

Sun, 14 May 2023 12:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी से मेयर प्रत्याशी अजय कुमार श्रीवास्तव को दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। चुनाव में हार के कारण क्या रहे उसे लेकर पार्टी नेता समीक्षा करने की बात तो जरूर कर रहे हैं लेकिन प्राथमिक तौर पर अभी यह जरूर कहा जा रहा है कि चुनाव के दौरान प्रचार तंत्र सपा का भाजपा के मुकाबले कमजोर रहा।
विज्ञापन
अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव। - फोटो : Facebook/Dimple Yadav
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी से मेयर प्रत्याशी अजय कुमार श्रीवास्तव को दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। चुनाव में हार के कारण क्या रहे उसे लेकर पार्टी नेता समीक्षा करने की बात तो जरूर कर रहे हैं लेकिन प्राथमिक तौर पर अभी यह जरूर कहा जा रहा है कि चुनाव के दौरान प्रचार तंत्र सपा का भाजपा के मुकाबले कमजोर रहा। पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं की प्रयागराज से दूरी स्थानीय स्तर पर भारी पड़ गई।

विज्ञापन


निकाय चुनाव में अजय श्रीवास्तव के नामांकन के बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि यहां अखिलेश यादव सभा करने के लिए जरूर आएंगे। पार्टी नेताओं को सांसद डिंपल यादव के रोड शो की भी उम्मीद थी। मुस्लिम बाहुल्य इलाकाें में आजम खां के आने का भी इंतजार होता रहा। चर्चा यह भी रही कि राज्यसभा सदस्य जया बच्चन भी प्रयागराज आएंगी, लेकिन इन सभी प्रमुख नेताओं में यहां कोई नहीं आया।

स्वामी प्रसाद मौर्य का भी नहीं हुआ कार्यक्रम

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य भी प्रचार के लिए नहीं आए। इसके अलावा पूर्व सांसद एवं सपा के राष्ट्रीय महासचिव सलीम इकबाल शेरवानी भी चुनाव के दौरान कहीं भी नहीं दिखे। बताया जा रहा है कि पार्टी का एक खेमा विधायक इंद्रजीत सरोज को प्रभारी बनाए जाने से नाराज था। यह भी कहा गया कि अजय श्रीवास्तव को इंद्रजीत सरोज की वजह से ही टिकट मिला।

स्थानीय नेताओं का कम सहयोग मिलने की वजह से लखनऊ प्रदेश मुख्यालय से यहां सपा के वरिष्ठ नेता केके श्रीवास्तव को भेजा। केके ने आते ही चुनाव की कमान संभाल ली, उन्हें भी चुनाव तैयारी के लिए दिन गिनती भर के ही मिले।

हालांकि सपा के मीडिया प्रभारी दान बहादुर मधुर ने इस चुनाव में मिली हार को चुनाव आयोग की साजिश बताया। कहा कि मतदाता सूची से सपा समर्थकों के नाम काटे गए। पोलिंग बूथ की भी सही जानकारी नहीं दी गई। सपा समर्थक नाम न होने पर मायूूस होकर पोलिंग सेंटर से लौटे।
विज्ञापन

सदन में घटे सपा के पार्षद, एक नंबर से तीसरे पर पहुंची पार्टी
पिछले निकाय चुनाव में सपा के सर्वाधिक 24 पार्षद चुनाव मैदान में जीते थे। इस वजह से नगर निगम सदन में सपा सबसे बड़ा दल बनकर उभरा, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। निकाय चुनाव 2017 के मुकाबले इस बार वार्ड की संख्या 80 से बढ़कर 100 हो गई। 20 वार्ड बढ़ने के बाद उम्मीद थी कि सपा के पार्षद सदन में बढ़ेंगे, लेकिन पार्षद बढ़ने की बजाय इस बार संख्या घट गई। सपा सिर्फ 16 वार्ड ही जीत सकी। हालांकि मेयर चुनाव में सपा का मत प्रतिशत जरूर बढ़ा। पिछले चुनाव में सपा को 20.84 प्रतिशत मत मिले, इस बार उसका मत प्रतिशत 21.49 प्रतिशत हो गया।

प्रयागराज की जनता ने जो प्यार दिया उसके लिए सभी का आभार है। चुनाव में कम समय मिला, लेकिन हर समाज के लोगों ने स्नेह दिया। - अजय कुमार श्रीवास्तव, मेयर प्रत्याशी, सपा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें