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विभाग का कोई पुरसाहाल नहीं, पर्यटक बेहाल

Sun, 27 Sep 2015 02:02 AM IST
सरिता/अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद।  देश और दुनिया के नक्शे पर भले ही संगमनगरी में अनगिनत खूबियां हों लेकिन पर्यटन विभाग इन खूबियों के आधार पर पर्यटकों को लुभाने में नाकाम ही रहा है। पूरे वर्ष सिर्फ आंकड़ों की जुगाली में जुटे विभाग को योजनाओं को अमली जामा पहनाने में न कोई रुचि है और न ही इच्छाशक्ति। माना जा रहा था कि दुनिया के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ के बाद संगमनगरी के लिए पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा, आंकड़े बढ़े भी लेकिन आनुपातिक तौर पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली। अनेक तरह की अव्यवस्थाओं के चलते तीर्थराज प्रयाग पहुंचने वाले की संख्या, मथुरा काशी के मुकाबले काफी कम है।
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पर्यटन से जुड़े सभी पक्षों का मानना है कि विभाग के पास पर्यटकों को सूचना और सुविधा के नाम पर तो शून्य है ही, कोई निश्चित नीति भी नहीं है। संगम सहित शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए साधन, सूचना के लिए साइनेज, बोर्ड के अतिरिक्त पेयजल-खानपान, यात्री शेड, गाइड, सुरक्षा जैसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। अब से पहले विभाग की जिला योजना में मिली राशि से लाक्षागृह प्रवेश द्वार और नागवासुकि यात्री शेड ही बन सका। बाकी चौदह अन्य बिंदुओं को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। केंद्रीय योजना में तो इलाहाबाद के खाते में फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। ऐसे में पर्यटन के बारे में योजनाओं का खाका ही खींचा जाता रहा तो कोई भी समारोह रस्म अदायगी तक ही सीमित होकर रह जाएगा।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी के मुताबिक पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। इसमें प्रचार-प्रसार के लिए प्रमुख स्थलों पर पोस्टर-बैनर सहित नेशनल जियोग्राफिक चैनल के सहयोग से डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी तैयार कराई जाएगी। विभाग की ओर से गाइड तैनात किए गए हैं जो क्षेत्रीय कार्यालय सहित प्रमुख होटलों में रहेंगे।
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पर्यटन विभाग की ओर से ‘प्रयाग दर्शन’ योजना के तहत शहर के विभिन्न पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की सैर कराने सहित वीकेंड पर विशेष टूर पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें सुबह की चाय एवं दोपहर का भोजन भी शामिल है। हालांकि पहले भी टूरिस्ट बस की योजना शुरू की गई थी जो ठप हो गई। इसी तरह पर्यटकों की मदद एवं सुरक्षा केलिए पर्यटन पुलिस के स्पेशल सेल की भी योजना है। यह दस्ता सादी वर्दी में प्रमुख पर्यटन स्थलों पर तैनात होगा।

पर्यटकों को अपेक्षित सुविधाएं न देने के कारण ही हम उन्हें नहीं बुला पा रहे हैं, यही वजह है कि जहां भारतीय पर्यटकों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी ही हुई है, वहीं विदेशी पर्यटकों की संख्या में एक चौथाई तक की कमी आई है। विदेशी पर्यटक पल भर भी वक्त नहीं बर्बाद करना चाहते और हम अब तक अपेक्षित हवाई सुविधा नहीं दे सके हैं। वहीं विभाग के पास पर्यटन स्थलों के लिए न कोई साधन, सुविधा और न ही निश्चित नीति है। यह चिंता की बात है।
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0 सरदार जोगिंदर सिंह
अध्यक्ष, इलाहाबाद होटल ऐंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
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