नई दिल्ली जा रही ब्रह्मपुत्र मेल में शुक्रवार को सफर के दौरान पांच माह की एक बच्ची की मौत हो गई। ट्रेन के स्लीपर कोच में बच्ची की मौत से भड़के यात्रियों ने इलाहाबाद जंक्शन पर खूब हंगामा किया। यात्रियों का आरोप था कि ट्रेन की लेट लतीफी और आउटर के अलावा जगह-जगह उसे रोक लिए जाने की वजह से बच्ची का समय पर इलाज नहीं हो सका। इस मामले को रेलवे बोर्ड ने भी गंभीरता से लिया है। इस पूरे प्रकरण की बोर्ड अफसरों ने रिपोर्ट तलब की है।
मुगलसराय निवासी इकबाल शेख दिल्ली में अपना व्यवसाय करते हैं। उनकी पत्नी शबीना (26) अपनी चार बच्चियों और अन्य रिश्तेदारों मुर्तजा, मकसूद, मोहर्रम अली, कौशल अली के साथ बृहस्पतिवार रात 1.32 बजे गाड़ी संख्या 14055 ब्रह्मपुत्र मेल में मुगलसराय से सवार हुई। मुगलसराय में ही ट्रेन नौ घंटे की देरी से पहुंची थी। शबीना और रिश्तेदारों के नाम स्लीपर कोच एस-8 में 53, 54 के अलावा एस-6,7 में उनकी कुल चार बर्थ बुक थीं। शबीना अपनी चार बच्चियों के साथ एस-8 कोच में सवार थी। स्लीपर कोच में भीड़ और गर्मी ज्यादा होने की वजह से बीच रास्ते उसकी छोटी बेटी तैमूर निशा (पांच माह) की तबीयत खराब होने लगी। शबाना ने इसकी जानकारी ट्रेन में सवार अपने रिश्तेदारों को दी। रिश्तेदारों ने ट्रेन में सवार टीटीई को बच्ची की तबीयत खराब होने के बारे में बताया। टीटीई ने भी कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी।
लेकिन इलाहाबाद आने के दौरान तमाम स्टेशनों पर स्टॉपेज न होने के बावजूद ट्रेन को कई बार रोका गया। इस दौरान तैमूर की तबीयत बिगड़ती चली गई। ट्रेन रात 3.27 बजे मिर्जापुर से चली, लेकिन 90 किलोमीटर की यह दूरी तय करने में ट्रेन को इलाहाबाद आने में पांच घंटे का वक्त लग गया। 8.31 बजे जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन के पहुंचते ही उसके परिजन डिप्टी एसएस कार्यालय पहुंचे। डिप्टी एसएस ने इसकी सूचना रेलवे अस्पताल को दी। जब तक रेलवे अस्पताल के डॉक्टर जंक्शन पहुंचते तब तक शबीना और उसके रिश्तेदार तैमूर को लेकर काल्विन अस्पताल चले गए। वहां डाक्टरों ने चेक करने के बाद तैमूर को मृत घोषित कर दिया। इस बीच जंक्शन पर यात्रियों ने हंगामा भी शुरू कर दिया। यात्रियों का कहना था कि अगर बीच रास्ते लेट न होती तो निश्चित ही बच्ची की जान बच जाती। उधर ट्रेन के बी-वन कोच में कूलिंग कम होने पर भी यात्रियों ने खूब शोर शराबा किया। यहां एसी मैकेनिक मौके पर पहुंचे। कुछ कूलिंग ठीक होने के बाद ट्रेन सुबह 9.50 बजे इलाहाबाद से रवाना हुई। वहीं दूसरी ओर बच्ची के परिजन भी बाद में उसके शव को लेकर सड़क मार्ग से मुगलसराय के लिए रवाना हो गए।
‘बच्ची की तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही जंक्शन पर डॉक्टर पहुंचे। हालांकि उसके परिजन तब तक उसे लेकर काल्विन अस्पताल चले गए थे। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ट्रेन लेट क्यों हुई इसकी जांच की जाएगी।’
अमिताभ, डीआरएम इलाहाबाद।