लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे दो अलग धर्मों को मानने वाले युगल से हाईकोर्ट ने उनकी नौकरी का ब्योरा मांगा है। कोर्ट ने याचीगण को संपूरक हलफनामा के जरिये अपनी सरकारी नौकरी की स्थिति, उसकी सेवा नियमावली और अपनी वैवाहिक स्थिति की जानकारी देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने ऐसा आदेश याचीगण द्वारा दाखिल याचिका और एसएसपी को सुरक्षा के लिए दिए गए प्रत्यावेदन में विरोधाभास को देखते हुए दिया है।
हरदोई की प्रज्ञा सिंह और बरेली के मेराज अली ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा देने की मांग की है। याचिका पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी और न्यायमूर्ति डा. वाईके श्रीवास्तव की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया है कि दोनों सरकारी सेवा में हैं और वर्ष 2012 से लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। मगर याचिका में नौकरी और रिश्तों को लेकर कोई और जानकारी नहीं दी गई है।
दूसरी ओर से याचीगण ने एसपी बरेली को लिखे पत्र में याचीगण ने खुद को पति-पत्नी बताया है। याचिका में वैवाहिक स्थिति स्पष्ट न करने के कारण कोर्ट ने दोनों को अपने विवाह और नौकरी की स्थिति साफ करते हुए संपूरक हलफनामा दाखिल करके बताने को कहा है कि वह शादीशुदा हैं या अविवाहित हैं, यह स्पष्ट किया जाए।
याचिका की सुनवाई सात दिसंबर को होगी। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को भी इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचीगण ने कोर्ट से अपने शांतिपूर्ण जीवन में किसी के भी द्वारा हस्तक्षेप न करने का आदेश देने की मांग की है।