कोरोना काल में रेलवे द्वारा बनाए जा रहे पुलों के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। रेलवे द्वारा प्रयागराज में गंगा और यमुना पर दो नए पुल का निर्माण किया जा रहा है। यमुना पर बन रहा पुल ईस्टर्न डेडीक्रेटेट फ्रेट कॉरीडोर (ईडीएफसी ) रेलमार्ग का ही हिस्सा है। इसका ईडीएफीसी ने तकरीबन 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। इसी तरह गंगा पर दारागंज से झूंसी को जोड़ने वाले रेल मार्ग दोहरीकरण के तहत पुल का निर्माण भी अब 24 घंटे चल रहा है।
ईडीएफसी के न्यू भाऊपुर-पंडित दीन दयाल उपाध्याय के तहत प्रयागराज में यमुना पर पुल का निर्माण दो वर्ष से चल रहा है। डबल लाइन वाले इस रेलमार्ग पर इरादतगंज के निकट यमुना पर बनाया जा रहा पुल काफी अहम है। कोरोना की पहली लहर में इस पुल का निर्माण भले ही थोड़ा सुस्त रहा हो लेकिन दूसरी लहर के दौरान बीते दो माह के दौरान इसका निर्माण कार्य बेहद तेजी से हुआ। अब यह पुल तकरीबन 80 फीसदी बन गया है। दिसंबर तक इस पुल का निर्माण करने का भरोसा ईडीएफसी अफसरों ने जताया है।
इस पुल के निर्माण के बाद वर्ष भर के भीतर देश के व्यस्तम रेल मार्ग में शामिल दिल्ली-हावड़ा रूट पर चलने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी कम हो जाएगी। क्योंकि इस पुल का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसमें मालगाड़ियां शिफ्ट कर दी जाएंगी। बता दें कि ईडीएफसी का निर्माण विश्व बैंक के सहयोग से चल रहा है। ईडीएफसीसी के मुख्य महाप्रबंधक (पूर्व) ओम प्रकाश ने बताया कि इस रूट पर कई छोटे पुल का भी निर्माण चल रहा है।
उधर पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी-प्रयागराज रेलखंड के दोहरीकरण होने की वजह से झूंसी से दारागंज को जोड़ने के लिए एक और पुल का निर्माण चल रहा है। रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे इस पुल का निर्माण 24 घंटे चल रहा है। पुल के लिए 25 पिलर बनने हैं। इसमें सात पर काम चल रहा है। कुछ पिलर आधे बन भी गए हैं। पुल का निर्माण कार्य आरवीएनएल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विनय अग्रवाल की देखरेख में हो रहा है। इसके अलावा उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा भी आधा दर्जन से अधिक रेल ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है।