फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, माघ मेले के दौरान शहर को किले में करना होगा तब्दील

Sun, 20 Dec 2020 03:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से कहा है कि माघ मेले के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शहर को किले में तब्दील करना होगा। मेले में बाहर से आने वाले उसी व्यक्ति को प्रवेश दिया जाए, जिसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव हो तथा शहर में प्रवेश से पहले ही उसकी दोबारा आरटीपीसीआर जांच करा ली जाए। कोर्ट ने माघ मेले के दौरान कोरोना से बचाव को लेकर जारी जिला प्रशासन की गाइडलाइन पर असंतोष जताते हुए नए सिरे से विस्तृत गाइडलाइन जारी करने का निर्देश दिया है। 

विज्ञापन


कोरोना संक्रमण मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने कहा है कि अथक प्रयासों के बाद प्रयागराज में कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी आई है। यदि बिना निगेटिव रिपोर्ट के शहर में बाहर से लोगों को आने दिया गया तो संक्रमण नियंत्रण के अब तक के सभी प्रयास व्यर्थ हो जाएंगे। कोर्ट ने कहा कि जो 18 बिंदुओं की गाइडलाइन बनाई गई है, वह सिर्फ जागरूकता संबंधी गाइड लाइन है। कोर्ट ने सरकार को सुझाव दिया है कि न केवल मेला क्षेत्र की निगरानी हो वरन शहर मे गंगा यमुना किनारों पर भी ध्यान दिया जाय।

अन्य जिलों में सतर्कता बढ़ाने का निर्देश
कोर्ट के निर्देश पर मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर व लखनऊ की पुलिस ने रिपोर्ट पेश की और कोरोना गाइडलाइन लागू करने के लिए तैनात पुलिस कर्मियों के नाम सहित सूची दाखिल की। वकीलों ने कहा जिन पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है, वह सही तरीके से निगरानी नहीं कर रहे हैं। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को स्टाफ को और अधिक सक्रिय करने का निर्देश दिया है। 
विज्ञापन


निकट भविष्य में वैक्सीन के आसार नहीं
 एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया एसपी सिंह ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के हवाले से प्राप्त जानकारी कोर्ट में दी। बताया कि सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, फाइजर इंडिया लिमिटेड ने वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति मांगी है। इसके लिए विधिवत गठित कमेटी क्लीनिकल ट्रायल के डाटा का अध्ययन कर रही है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही वैक्सीन के उपयोग की अनुमति देने पर निर्णय हो सकेगा। कमेटी ने सेरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक से और डाटा की मांग की है, जबकि फाइजर ने समय मांगा है। 

कोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से संयुक्त निदेशक ड्रग्स कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया डाक्टर पीबीएन प्रसाद व ला कंसल्टेन्ट ऋषिकांत सिंह से वैक्सीन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया अभी क्लीनिकल ट्रायल किया जा रहा है । इस पर कोर्ट ने कहा कि फिलहाल वैक्सीन दिखाई नहीं दे रही है। कोविड संक्रमण से संघर्ष जारी है। कोर्ट ने स्कूल कालेजों को न्यूनतम स्टाफ व छात्रों के साथ सुरक्षा उपायों से कार्य करने को कहा है, क्योंकि अभी वैक्सीन नहीं है और कोरोना संक्रमण जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें