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‘चीता’ से तेज भाग रहे लुटेरे

Mon, 29 Jun 2015 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। कई करो़ड रुपये की लागत से तैयार मार्डन कंट्रोल रूम और नए एसएसपी के सक्रिय पुलिसिंग पर जोर के बावजूद लूट-छिनैती में कोई कमी भी नहीं आई है। बल्कि सच्चाई तो यह है कि इन वारदातों में दिन पर दिन इजाफा होता जा रहा है। । पिछले एक महीने के दौरान शहर और देहात में लूट-छिनैती की दो दर्जन से ज्यादा घटनाएं हो गई मगर मार्डन कंट्रोल रूम से जुड़ी पावर बाइक चीता समेत दूसरी आधुनिक गाड़ियों में तैनात पुलिसवाले एक भी बदमाश को दबोचने में कामयाब नहीं हो सके हैं। सच तो यह है कि लुटेरे पुलिस के ‘चीता’ से कहीं ज्यादा तेज भाग रहे हैं।
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कानपुर और आगरा सहित इलाहाबाद में एमसीआर (मार्डन कंट्रोल रूम) को स्थापित करने के पीछे एक इरादा अपराध पर काबू पाना है। करोड़ों रुपये खर्च कर एमसीआर तैयार करने के पीछे आला अफसरों का दावा था कि इनके जरिए सूचना मिलते ही अपराधियों को दबोचा जा सकेगा। मार्डन कंट्रोल रूम में हाइटेक उपकरणों से लैस स्कार्पियो, इनोवा जैसी 28 गाड़ियां और पावर बाइक पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। एमसीआर से जुड़ी फोर व्हीलर गाड़ियों को पीसी वैन और बाइक को चीता नाम दिया गया है। कहा तो यह जा रहा था कि एमसीआर सक्रिय होने के बाद कही लूट या छिनैती होने पर सूचना मिलती ही मार्डन कंट्रोल रूम से जुड़ी गाड़ियों में बैठे पुलिसकर्मी घेराबंदी कर लुटेरों को दबोच लेंगे। मगर सब ख्याली पुलाव निकला। रोज ही शहर में सरेराह लूट-छिनैती हो रही है मगर एमसीआर की स्कार्पियो और सफारी गाड़ियों में पुलिसवाले बैठे ही रह जाते हैं। और चीता भी सुस्त खडा रह जाता है।

 नए एसएसपी केएस इमैनुएल का मानना है कि सूचना मिलने और फिर उसके प्रसारण में देरी की वजह से एमसीआर क्राइम कंट्रोल में प्रभावी नहीं साबित हो रहा है। एसएसपी ने इस लापरवाही में पिछले दिनों एचसीपी और पांच सिपाहियों को निलंबित किया था।
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