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अच्छे स्कूल में प्रवेश अभिभावकों के लिए चुनौती

Wed, 25 Mar 2015 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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नए शैक्षिक सत्र में सीबीएसई और आईसीएसई से जुड़े अच्छे स्कूलों में प्रवेश अभिभावकों के लिए चुनौती बन गई है। इन स्कूलों में नया सत्र अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू हो रहा है। बड़े और नामी स्कूलों में प्रवेश के लिए अभिभावक हर जतन कर रहे हैं। स्टेट्स सिम्बल बने शहर के पब्लिक स्कूल अभिभावकों का दीवाला निकाल रहे हैं। इन स्कूलों के फीस स्ट्रक्चर को देखकर अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है।
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यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों में पढ़ाई का माहौल नहीं होने के कारण अभिभावकों की पूरी कोशिश अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में प्रवेश दिलाने की है। सीबीएसई एवं आईसीएसई से जुड़े अच्छे स्कूल नहीं खुलने के कारण समस्या बनी हुई है। बीते वर्षों में देखा जाए तो शहर से दूर घूरपुर क्षेत्र में सारंगापुर में लारेल्स ग्रुप की ओर से एक नया स्कूल खोला गया तो वहीं झूंसी क्षेत्र में भी एक दो बड़े स्कूल खुले। इन स्कूलों के शहर से दूर होने के कारण अभिभावक दूर-दराज के स्कूलों में प्रवेश दिलाने से बच रहे हैं।

शहर में पिछले कुछ वर्षों में अच्छे स्कूलों के नहीं खुलने से बढ़ती बच्चों की संख्या गिनती कुछ नामी स्कूलों तक सिमटकर रह गई है। अभिभावकों की पसंद सीबीएसई में महर्षि पतंजलि, गंगा गुरुकुलम, टैगोर पब्लिक स्कूल, जगत तारन गोल्डेन जुबली, डीपीएस एवं आईसीएसई में सेंट जोसफ, बीएचएस, जीएचएस, सेंट मैरी कान्वेंट सहित कुछ गिनती के ही स्कूल हैं। इन स्कूलों में प्रवेश को अभिभावकों के दबाव के कारण प्रवेश के समय इनके भाव बढ़ जाते हैं। यही कारण है कि इलाहाबाद में फीस अन्य शहरों की अपेक्षा अधिक है। नौकरी पेशा लोग अपने अप्रैल का वेतन भूल ही जाएं तो बेहतर है। स्कूलों में फीस इतनी अधिक बढ़ गई है कि पूरा वेतन फीस के भुगतान में ही खर्च हो जाएगा। अप्रैल में नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के साथ ही सीबीएसई और आईसीएसई से जुड़े स्कूलों में फीस में भारी वृद्धि हुई है।
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