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छह दिन में होगा 582 अभ्यर्थियों का अभिलेख सत्यापन

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समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2017 के चयनितों का सोमवार से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में जमावड़ा लगेगा। सचिवालय के लिए आरओ/एआरओ के पद पर चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया एक जून से शुरू होने जा रही है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए आयोग की ओर से आवश्यक-निर्देश जारी किए गए हैं।
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आरओ/एआरओ-2017 के तहत कुल 809 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी और इनमें से 663 पदों पर अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया गया था। यूपीपीएससी और राजस्व परिषद के लिए चयनित 81 अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन 27 एवं 28 मई को हो चुका है और अब उनकी नियुक्ति का रास्ता भी साफ हो गया है। सत्यापन की प्रक्रिया में 74 अभ्यर्थियों (91 फीसदी) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। अब सोमवार से उतर प्रदेश सचिवालय के लिए चयनित 582 अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के लिए आयोग में बुलाया गया है। अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया लगतार छह जून तक चलेगी। पहले दिन यानी एक जून को कुल 100 अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के लिए आयोग में बुलाया गया है। एक जगह भीड़ इकट्ठा न हो, इसके लिए 20-20 अभ्यर्थियों के समूहों को अभिलेख सत्यापन के लिए अलग-अलग समय दिया गया है।
अभिलेख सत्यापन सुबह 10 बजे से शुरू होगा और एक-एक घंटे की पांच शिफ्ट में होगा। अभ्यर्थियों को अपने साथ केवल अभिलेख ले जाने होंगे। बैग, ब्रीफकेस आदि प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थियों को आयोग के गेट नंबर-2 से इंट्री मिलेगी। वहां अभ्यर्थियों को हैंडवॉश एवं सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा। अभ्यर्थियों के आपस में मिलने-जुलने और नजदीक बैठने पर रोक रहेगी।
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अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया में शामिल हो पाना आरओ/एआरओ के चयनित अभ्यर्थियों के लिए बड़ी चुनौती है। तमाम अभ्यर्थी दिल्ली एवं अन्य राज्यों में फंसे हैं और यातायात अभी सुचारु नहीं हुआ है। ऐसे में अभिलेख सत्यापन के लिए प्रयागराज आना उनके लिए आसान नहीं है। बाहर रहने वाले ज्यादातर अभ्यर्थी सत्यापन के लिए एक दिन पहले ही प्रयागराज पहुंच जाएंगे। उनके सामने सबसे बड़ी समस्या ठहरने की होगी, क्योंकि होटल बंद हैं। हालांकि इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई अभ्यर्थी अपरिहार्य कारणों से सत्यापन की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाता है तो उसे अन्य अवसर प्रदान किया जाएगा। साथ ही अभ्यर्थियों से कहा गया है कि अगर उन्हें खांसी, जुकाम, बुखार या कोई अन्य बीमारी है तो वे सत्यापन के लिए न आएं। ऐसे अभ्यर्थियों को भी एक अन्य अवसर दिया जाएगा।
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