सांस्कृतिक केंद्र में हरियाणवीलोक गायन प्रस्तुत करते लोककलाकार रामकेश जीवनपूरिया।अमर
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हरियाणवी लोकधुनों की खनक और देसी अंदाज ने बुधवार को सांस्कृतिक केंद्र प्रेक्षागृह में ऐसा समा बांधा कि पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। मौका था उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र व हरियाणा कला परिषद की ओर से आयोजित तीन दिवसीय त्रिवेणी कला उत्सव के समापन समारोह का।
कार्यक्रम का सबसे जीवंत क्षण तब आया, जब रामकेश जीवनपूरिया ने ‘हट जा ताऊ पाछै नै, नाचण दे जी भर कै नै’ प्रस्तुत किया। गीत की धुन शुरू होते ही दर्शक तालियों के साथ झूम उठे। इसके बाद रामकेश जीवनपूरिया ने हरियाणवी लोकगीतों की प्रस्तुति शुरू की।
समापन समारोह में केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी को ‘हरियाणा गौरव सम्मान’ प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त कुलपति, राजा मानसिंह संगीत विश्वविद्यालय (ग्वालियर) के प्रो. पंडित साहित्य कुमार नाहर, हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी, केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा और कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने दीप जलाकर कर किया। कार्यक्रम का संचालन आकाश अग्रवाल ने किया।