भर्ती मरीजों को जबरन अस्पताल से बाहर करने पर तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा। पहले तो वे गिड़गिड़ाए, डॉक्टरों ने नहीं सुनी तो नारेबाजी करने लगे। भर्ती मरीजों को डॉक्टरों से बचाओ... नारे गूंजने लगे।
एसआरएन अस्पताल में दो दिन से हड़ताल झेल रहे तीमारदार सुबह 11:15 बजे डॉक्टरों के खिलाफ खड़े हो गए। दोनों पक्ष आमने-सामने आए तो पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। नाराज तीमारदारों को समझाने में पुलिस व कॉलेज प्रशासन को पसीना छूट गया। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने भी तीमारदारों को समझाने का प्रयास किया। तीमारदारों ने कहा कि बात तो तब समझ में आए जब उनके हित की कही जाए।
इसी बीच ओपीडी में भी मरीज हंगामा करने लगे। इस पर प्राचार्य खुद ही मेडिसिन विभाग की ओपीडी का ताला खोलकर मरीजों को देखने के लिए बैठ गए। तीमारदारों कहा कि अकेले कितने मरीज देख लेंगे। कुछ देर बाद मरीजों की भीड़ बढ़ी तो प्राचार्य को वापस जाना पड़ा।