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इविवि में प्रवेश के लिए आवेदन तिथि पांच तक बढ़ी

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The application date for admission to the university has been increased to five.
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि पांच सितंबर तक बढ़ा गई है। पहले संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 28 अगस्त और अन्य पाठ्यक्रमों के लिए 30 अगस्त निर्धारित की गई थी, लेकिन अब सभी पाठ्यक्रमों के लिए अभ्यर्थी पांच सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे।
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बृहस्पतिवार शाम तक कुल 229914 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए और इनमें से 119596 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन शुल्क जमा करते हुए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली। स्नातक में प्रवेश के लिए 107266 एवं 65455, परास्नातक के लिए 46560 एवं 17827, आईपीएस के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 24616 एवं 2140, बीएएलएलबी के लिए 12015 एवं 7634, एलएलबी के लिए 19785 एवं 13567, बीएड के लिए 6365 एवं 4524, एमएड के लिए 1493 एवं 1100, एमबीए के लिए 2074 एवं 1440, एलएलएम के लिए 4035 एवं 3432 और क्रेट के लिए 5705 एवं 2477 क्रमश: रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन हुए।
कुलपति की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू आज से
इलहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के स्थायी कुलपति की नियुक्ति के लिए शुक्रवार से इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। साक्षात्कार 25 अगस्त तक चलेगा। कुलपति पद के लिए इविवि के भी कुछ शिक्षकों ने दावेदारी की है, जिनका इंटरव्यू अंतिम दिन होना होगा।
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इविवि के कुलपति पद के लिए देश भर से तकरीबन चार सौ आवेदन आए थे। सर्च कमेटी ने इनमें से 15 आवेदनों को छांटकर अलग किया और अब इन्हीं में से कुलपति का चयन किया जाना है, लेकिन इससे पहले आवेदन करने वाले शिक्षकों का इंटरव्यू होना है। आवेदन करने वलों में इविवि के भी तीन वरिष्ठ शिक्षक शामिल हैं। सभी ने कुलपति पद के लिए अपना जोर लगा दिया है। हालांकि स्थायी कुलपति के नाम पर अंतिम मुहर विश्वविद्यालय के विजिटर यानी राष्ट्रपति लगाएंगे। इंटरव्यू ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि सितंबर में इलाहाबाद विश्वविद्यालय को स्थायी कुलपति मिल सकते हैं, क्योंकि स्थायी कुलपति की नियुक्ति न होने के कारण विश्वविद्यालय में कई महत्वपूर्ण काम अटके हुए हैं।
छात्र आंदोलन को प्रदेश स्तरीय बनाने की तैयारी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में परीक्षाओं के विरोध में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे क्रमिक अनशन को समर्थन देने समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव अनशन स्थल पर पहुंचे। बृहस्पतिवार को अनशन का 30वां दिन था। उन्होंने छात्रों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि यह लड़ाई सडक़ से संसद तक लड़ी जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तेजी से बढ़ रहे कोराना संक्रमण बीच परीक्षा का आयोजन कराकर छात्रों की जान से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। इसका पुरजोर विरोध होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की मांगें माननी ही होंगी। उन्होंने कहा कि गांधीवादी तरीके से चल रहे इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। इस मौके पर समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू, इविवि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कृष्णमूर्ति यादव, छात्र नेता अजय सम्राट यादव, संदीप यादव, दूनाथ पटेल, अजीत यादव, अनिल यादव, अजीत विधायक, राघवेंद्र यादव, अविनाश विद्यार्थी आदि मौजूद रहे।
हॉस्टल लौटे तीन छात्रों को प्रवेश से रोका
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पीसीबी हॉस्टल के बाहर बृहस्पतिवार शाम तीन छात्र धरने पर बैठ गए। ये छात्र हॉस्टल के अंत:वासी हैं और कई दिनों बाद अपने शहरों से हॉस्टल लौटे थे, लेकिन इविवि प्रशासन ने इन्हें हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इस पर छात्र चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय से मिलने गए।
चीफ प्रॉक्टर ने उनसे कहा कि कोविड-19 के कारण हॉस्टल खाली करा लिया गया था। जो छात्र हॉस्टल में रह गए हैं, उनकी सूची जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। कोराना संक्रमण तेजी से फैल रहा है और ऐसे में हॉस्टल छोडक़र जा चुके छात्रों को वापसी की अनुमति नहीं दी जा सकती। वहीं, छात्रों का कहना थ कि वे दो-ढाई सौ किलोमीटर दूर स्थित अपने घरों से लौटे हैं। परीक्षाओं की तैयारी करनी है।
ऐसे में हॉस्टल में रहने की अनुमति दी जाए। प्रॉक्टर ने कहा कि छात्र अगर चाहे तो अपने कमरे से किताबें एवं जरूरत के अन्य सामान निकाल सकते हैं, लेकिन अभी रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्र इस पर राजी नहीं हुए और देर शाम हॉस्टल के बाहर धरने पर बैठ गए। हालांकि देर रात तक उन्हें हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
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