संगम नगरी के सिविल एयरपोर्ट पर एक बार फिर कोरोना काल जैसा सन्नाटा पसरने वाला है। शनिवार चार जुलाई को एयरपोर्ट से एक भी विमान उड़ान नहीं भरेगा और न ही यहां कोई फ्लाइट लैंड करेगी। 24 मई 2020 यानी 2232 दिन के बाद यह पहला मौका होगा जब प्रयागराज एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही पूरी तरह ठप रहेगी।
उड़ानों में लगातार हो रही कटौती के कारण अब एयरपोर्ट पर सप्ताह में सिर्फ छह दिन ही विमानों का आवागमन हो सकेगा। इससे पहले कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में 25 मार्च से 24 मई 2020 तक उड़ानों का संचालन पूरी तरह बंद रहा था। उसके बाद से यह पहला मौका है जब किसी एक दिन एयरपोर्ट पूरी तरह सूना रहेगा। दरअसल, प्रयागराज एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों के लिए उड़ानों की संख्या लगातार कम होती जा रही है, जिसका असर फ्लाइट्स के शेड्यूल पर दिखने लगा है।
वर्तमान में अकासा एयर की मुंबई फ्लाइट ही एकमात्र ऐसी उड़ान थी जिसका रोजाना संचालन हो रहा था। लेकिन अब अकासा एयर ने अपनी सेवा में भारी कटौती कर दी है। सात दिन चलने वाली यह फ्लाइट अब सप्ताह में सिमटकर सिर्फ एक दिन रह गई है। इस बड़े बदलाव के कारण शनिवार को कोई भी फ्लाइट उपलब्ध नहीं रहेगी।
विमानन कंपनियों की ओर से किए गए इस बदलाव का असर अन्य रूटों पर भी पड़ा है। इंडिगो एयरलाइंस ने भी प्रयागराज से मुंबई के लिए संचालित होने वाली अपनी फ्लाइट के फेरे कम कर दिए हैं। अब यह उड़ान सप्ताह में छह दिन के बजाय सिर्फ चार दिन ही संचालित की जाएगी। उड़ानों में इस कटौती का आलम यह है कि प्रत्येक बुधवार को प्रयागराज एयरपोर्ट से अब सिर्फ दिल्ली के लिए ही एकमात्र विमान उड़ान भरेगा, जबकि बाकी शहरों की कनेक्टिविटी उस दिन ठप रहेगी।
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कोट
अगर एक-एक करके विमान सेवा ही बंद करनी है तो करोड़ों रुपये खर्च करके प्रयागराज एयरपोर्ट का विस्तार क्यों किया गया।
- धनंजय सिंह , पूर्व सदस्य प्रयागराज एयरपोर्ट सलाहकार समिति।
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उड्डयन मंत्री से दिल्ली जाकर मुलाकात करूंगा। प्रयागराज यूपी का महत्वपूर्ण शहर है। यहां से प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ान होनी चाहिए।
प्रवीण पटेल, सांसद, फूलपुर।