नैनी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जीई कंपनी में कई दिनों से चल रहा कर्मचारियों के प्रदर्शन के पक्ष में पहुंचे कांग्रेसियों की 14 सदस्यीय टीम ने रिपोर्ट बनाकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेज दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी मामले में कर्मचारियों के आंदोलन को आगे बढ़ाने के साथ कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी। फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश पर 25 मार्च को लेबर कमिश्नर के सामने कंपनी प्रबंधतंत्र और कर्मचारियों की ओर से अपना-अपना पक्ष रखा जाएगा। कर्मचारी वीआरएस दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
आंदोलनरत कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से कंपनी में काम रहे हैं। यह कंपनी पहले अरिवा फिर जीसी और अब जीई के नाम से जानी जा रही है। जीई कंपनी अब 25 करोड़ में बिक चुकी है। जिस कंपनी ने इसे खरीदा है। वह अब नए कर्मचारियों की तैनाती कर 14 हजार रुपये में काम कराना चाहती है। जो कि लेबर एक्ट के खिलाफ है। कांग्रेस प्रदेश सचिव विवेकानंद पाठक ने बताया कि कर्मचारियों ने यह भी जानकारी दी कि कंपनी की बिक्री के पीछे खेल किया गया है। ताकि, पुराने कर्मचारियों को हटा दिया जाए और नए कर्मचारियों को तैनात किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि जीई कंपनी का कुल असेट तीन सौ करोड़ के आसपास का है। लेकिन इसे जानबूझकर कम दाम में बेचा गया। पुराने कर्मचारी वीआरएस मांग रहे हैं, जिससे कि उनका हक ना मारा जाए तो प्रबंधतंत्र उनके खिलाफ षड़यंत्र कर रहा है। इससे ढाई सौ के करीब कर्मचारियों का भविष्य अधर में हैं। जिलाध्यक्ष राम किशुन पटेल ने बताया कि प्रदेश के नेताओं की अगुवाई में तैयार कराई गई रिपोर्ट को भेज दिया गया है। पार्टी के निर्देश पर आगे की लड़ाई लड़ी जाएगी।