इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बीएएलएलबी पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम के लिए आवेदन की आयु सीमा पर बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) निर्णय लेगा। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक ने डीन लॉ को इस बाबत पत्र लिखा है। एक-दो दिन में फैसले की उम्मीद है। उम्मीद जताई जा रही है यह पाबंदी हटा ली जाएगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी में इस साल आयु सीमा की पाबंदी रखी गई है। सामान्य और ओबीसी के 20 तथा एससी-एसटी के 22 साल तक के विद्यार्थी ही इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। जबकि हाईकोर्ट ने पांच वर्षीय बीएएलएलबी की पढ़ाई के लिए आयु सीमा की पाबंदी हटाने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस पाबंदी को हटाने पर विचार शुरू कर दिया है। प्रवेश प्रकोष्ठ की ओर से डीन लॉ को पत्र लिखा गया है। चूंकि आयु सीमा की शर्त लागू करने का निर्णय बोर्ड ऑफ स्टडीज में हुआ था इसलिए इसे वापस लेने का निर्णय भी बोर्ड ऑफ स्टडीज में होगा। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर जगदम्बा सिंह ने बताया कि बोर्ड ऑफ स्टडीज के फैसले के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि यह शर्त वापस ली जाती है तो छात्र-छात्राओं को आवेदन का मौका दिया जाएगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मोनिरबा में एमबीए तथा गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के एमबीएआरडी पाठ्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगलवार से शुरू हुआ। सोमवार को शुरू बीएएलएलबी पाठ्यक्रम में लिए पहले दिन 20 विद्यार्थियों ने आवेदन किया।