फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: गाड़ी नंबर से की गई आरोपियों की पहचान, पूछताछ में बोले- नहीं दे रहा था पास

विज्ञापन
फौजी हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपी पुलिस गिरफ्त में।पुलिस
विज्ञापन
वाहन ओवरटेक करने को लेकर हुए विवाद के बाद स्कॉर्पियो सवार एएसआई (असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर) समेत पांच लोगों द्वारा रॉड से किए गए हमले में फौजी की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग करने लगे। फौजी विवेक की मौत की जानकारी पर डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव व एसीपी करछना अरुण त्रिपाठी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से बात कर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
विज्ञापन

डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव के निर्देश पर गठित एसओजी और करछना पुलिस की टीम ने फौजी की मौत के चार घंटे के भीतर ही गाड़ी नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह सभी शादी समारोह में शामिल होकर स्कॉर्पियो से घर लौट रहे थे।
कहा कि धरवारा गांव के पास उनकी कार के आगे एक टाटा पंच कार गलत तरीके से चलाई जा रही थी। हॉर्न मारने के बावजूद ओवरटेक के लिए पास नहीं दिया गया। इसी विवाद को लेकर कार को आगे रुकवा लिया और मामला इतना बढ़ा कि हाथापाई शुरू हो गई। इसी बीच धक्का देने पर कार चालक सड़क पर गिरकर कर जख्मी हुआ तो सभी मौके से फरार हो गए। हालांकि फौजी के पिता ने रॉड से वार कर हत्या करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन


मिर्जापुर पुलिस लाइन स्थित रेडियो शाखा में तैनात है एएसआई
पुलिस जांच में सामने आया कि नैनी चाका निवासी आरोपी राजकमल पांडेय मिर्जापुर पुलिस लाइन स्थित रेडियो शाखा में एएसआई के पद पर तैनात है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद प्रयागराज पुलिस ने मिर्जापुर पुलिस से संपर्क साधकर घटना की जानकारी दी है। वहीं राजीव कुमार ठाकुर फौजी है और उसकी तैनाती इंदौर में है जबकि सुनील कुमार ठाकुर अधिवक्ता और राजू अग्रहरि व भाई लाल यादव निजी कार्य करते हैं।

दो भाइयों में छोटे थे विवेक
परिजनों का कहना है कि लखनऊ के आर्मी अस्पताल में बेटे विवेक का पोस्टमार्टम किया जाएगा। उसके बाद देर रात तक शव गांव पहुंचेगा। विवेक दो भाइयों में छोटे थे। परिवार में पत्नी प्रतिभा और तीन वर्षीय पुत्र वेदांत हैं जो रो-रोकर बेहाल हो गए हैं। पिता उमाकांत सिंह सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें