इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सावन में भगवान शिव की मूर्ति तोड़ने व पुजारी पर चाकू से हमला करने के आरोपी शाहरुख की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कहा कि ऐसे अपराध, जिनसे लोगों या समुदायों के बीच नफरत को बढ़ावा मिलता है, उन्हें सख्ती से दबाना होगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सावन में भगवान शिव की मूर्ति तोड़ने व पुजारी पर चाकू से हमला करने के आरोपी शाहरुख की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कहा कि ऐसे अपराध, जिनसे लोगों या समुदायों के बीच नफरत को बढ़ावा मिलता है, उन्हें सख्ती से दबाना होगा। समुदाय और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों पर नरम रुख अपनाकर इन अपराधों को समाज में पनपने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की अदालत ने दिया।
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बरेली के इज्जतनगर थाना में शाहरुख पर मंदिर की मूर्ति तोड़ने व पुजारी पर चाकू से हमला करने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। आरोपी 22 जुलाई 2024 से जेल में बंद है। उसने जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। आवदेक के वकील ने दलील दी कि याची के भाई साजिद खान ने एसपी को 23 जुलाई 2024 को पत्र भेजकर सूचना दी थी कि उसका भाई घटना के समय घर पर था। बाद में साढ़े आठ बजे मंडी बाजार गया था। इसका सीसीटीवी फुटेज भी है।
सरकारी वकील ने दलील दी कि मूर्ति तोड़ने में वह शामिल था। सह अभियुक्त अशरद ने उसका नाम लिया था। पुजारी राम किशन शर्मा व पत्नी अनीता चश्मदीद गवाह है। राम किशन पर आवेदक ने चाकू से हमला भी किया था। सह अभियुक्त अकरम मौके से पकड़ा गया है। चाकू भी बरामद किया गया है।