चुनावी रंजिश में हत्या का आरोप
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 29 सितंबर 2026 को ठाणे के चितलसर-मानपाड़ा क्षेत्र में चुनावी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस के अनुसार, ब्लॉक प्रमुख/कॉरपोरेटर के चुनाव को लेकर पुरानी रंजिश थी। आरोप है कि प्रदीप पूर्णेकर को तमंचे से गोली मारने के साथ चापड़ से गर्दन पर वार किया गया था, जिससे उनकी मौत हो गई।
इस मामले में कापुरबावड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एसटीएफ के मुताबिक, मामले में तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि संतोष कनौजिया और अमित सिंह फरार चल रहे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों महाराष्ट्र से निकलकर प्रयागराज आ गए थे। संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
संतोष के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं एफआईआर
एसटीएफ के अनुसार, संतोष कनौजिया के खिलाफ पहले भी दो एफआईआर दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को नैनी थाने में दाखिल कराया गया। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), प्रयागराज की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू की, ताकि उन्हें महाराष्ट्र ले जाकर मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके।
गोली मारने के बाद चापर से किया था वार
महाराष्ट्र के ठाणे में 29 सितंबर 2026 की रात करीब नौ से 11 बजे के बीच की हत्या की गई थी। मनोरमा नगर और मानपाड़ा इलाके में स्थित उनके कार्यालय के बाहर हुए हमले में हेलमेट और मास्क पहने बाइक सवार बदमाश शामिल थे। आरोपियों ने कार्यालय में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की और धारदार हथियार चॉपर से भी हमला किया। गंभीर रूप से घायल को कापुरबावड़ी स्थित इन्फिनिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, वारदात के पीछे चुनाव को लेकर पुरानी रंजिश की बात सामने आई थी।