इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से चार वर्ष के अंतराल के बाद रविवार को प्रदेश के 11 मंडल मुख्यालयों पर ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) परीक्षा का आयोजन किया गया। चयन बोर्ड के सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि परीक्षा में 80 फीसदी अभ्यर्थी उपस्थित रहे। परीक्षा में पारदर्शिता बरतने के लिए ओएमआर की दो कार्बन कॉपी की व्यवस्था लागू की गई थी।
कुछ परीक्षार्थी कार्बन कॉपी को ओएमआर से अलग करने के चक्कर में गलती से दोनों कार्बन कॉपी अलग कर साथ लेते गए। मेरठ में तो एक परीक्षा केंद्र में पहली पाली में हिंदी की परीक्षा में देने आई एक महिला अभ्यर्थी ओएमआर की मूल कॉपी के साथ कार्बन कॉपी भी लेकर चली गई, इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। प्रदेश में इलाहाबाद में दो, कानपुर में एक, मेरठ में दो, लखनऊ में एक, फैजाबाद में एक परीक्षार्थी दोनों कार्बन कॉपी लेकर चले गए। इन सातों परीक्षार्थियों के खिलाफ केंद्र व्यवस्थापकों की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई गई है। हालांकि, चयन बोर्ड इसे मानवीय भूल मानकर किसी भी अभ्यर्थी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा। प्रदेश भर में परीक्षा के लिए दोनों पालियों में 177 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
टीजीटी परीक्षा के विवादों को ध्यान में रखकर अबकी बार प्रश्नपत्र तैयार करने में सावधानी बरती गई। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों एवं प्रश्नपत्र के जानकारों ने बताया कि हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों विषयों के प्रश्नपत्रों को संतुलित रखा गया। इस कारण से परीक्षार्थियों को पर्चा हल करने में परेशान नहीं होना पड़ा। आरके इंस्टीट्यूट के हिंदी विशेषज्ञ डॉ. राजीव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि टीजीटी में हिंदी का प्रश्नपत्र आसान था, इसलिए मेरिट अधिक आने की संभावना है। विशेषज्ञ का कहना है कि पूर्व में प्रश्नपत्र की आपत्तियों को देखते हुए अबकी बार चयन बोर्ड ने प्रश्नपत्र की सेटिंग में विशेष सावधानी बरती है।
उन्होंने बताया कि अधिकांश परीक्षार्थी 125 प्रश्नों में 120 या इससे अधिक प्रश्न हल करने का दावा कर रहे हैं। वहीं टीजीटी अंग्रेजी के प्रश्नपत्र में ग्रामर एवं लिटरेचर दोनों खंडों से बराबर प्रश्न पूछे गए। आनंद एकेडमी के अंग्रेजी विशेषज्ञ कमलेश यादव ने बताया कि प्रश्न आसान थे, लेकिन प्रश्नों के उत्तर के विकल्प काफी नजदीकी होने के कारण अभ्यर्थियों को शंका रही। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रश्नपत्र आसान होने से मेरिट अधिक आने की संभावना है। अधिक मेरिट आने पर अंतिम चयन में साक्षात्कार के अंक निर्णायक होंगे।
टीजीटी परीक्षा प्रदेश के जीआईसी एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों करए जाने के कारण कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली। चयन बोर्ड की ओर से परीक्षार्थियों के रोलनंबर आगे-पीछे सेट करने को लेकर बरती गई सावधानी से इस बार नकल करने वाले के मंसूबे सफल नहीं हो सके।
टीजीटी परीक्षा में इलाहाबाद के सीएवी इंटर कॉलेज में दूसरे विद्यालय के शिक्षक को कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी पर लगाए जाने की शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कोमल यादव ने सीएवी इंटर कॉलेज में कक्ष निरीक्षक बनाए गए हरिश्चंद्र यादव को परीक्षा ड्यूट से हटा दिया। हरिश्चंद्र हंडिया के महर्षि कृष्ण इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। इसी प्रकार भारत स्काउट इंटर कॉलेज में पहली पाली में शिक्षक की गड़बड़ी के कारण ओएमआर की दोनो कॉर्बन कॉपी लेकर परीक्षार्थी के चले जाने के बाद केन्द्र व्यवस्थापक ने कक्ष निरीक्षक एवं उसका समर्थन करने वाले एक शिक्षक को परीक्षा ड्यूटी से हटा दिया।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड 25 जनवरी को हुई टीजीटी परीक्षा की ‘आंसर की’ सप्ताह भर में जारी करेगा। चयन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. परशु राम पाल ने बताया कि सभी सीरीज के बुकलेट के उत्तरों के मिलान के बाद सप्ताह भर में सभी विषयों के उत्तर जारी कर दिए जाएंगे। चयन बोर्ड की ओर से पहले दिन टीजीटी हिंदी, उर्दू, सिलाई एवं शारीरिक शिक्षा तथा दूसरी पाली में अंग्रेजी, गृह विज्ञान, संगीत गायन, कताई-बुनाई की परीक्षा हुई।