शनिवार को आला-अफसरों के निर्देश पर एसडीएम फूलपुर दिग्विजय सिंह, नायब तहसीलदार रवींद्रनाथ रावत, राजस्व निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर जांच करने पहुंचे। इसकी पुष्टि भी हुई कि टेंट सिटी के संचालकों को कहीं से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिला था। टेंट सिटी पूरी तरीके से अवैध है। टीम को यहां मिले ठेकेदार महावीर सिंह ने बताया कि टेंट सिटी का संचालन प्रणव पाल, स्वामी अविमुक्तानंद गिरि, मुकेंद्रा सिंह गुर्जर और आलोक श्रीवास्तव कर रहे थे।
टीम ने किसानों से भी बात की। इसके बाद नायब तहसीलदार रवींद्र रावत ने महावीर सिंह, प्रणव पाल, जूना अखाड़े के स्वामी अविमुक्तानंद गिरि, मुकेंद्रा सिंह गुर्जर, आलोक श्रीवास्तव, सत्यम व उसके पिता मुन्ना के खिलाफ झूंसी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। एसडीएम दिग्विजय सिंह ने बताया कि टेंट सिटी को पूरी तरह बंद करा दिया गया है। जल्द ही आरोपियों के गिरफ्तारी भी होगी। पुलिस इसके प्रयास कर रही है।
जांच में खुलासा...पार्किंग के नाम पर ली गई जमीन
जमीन के मालिक और भतकार गांव निवासी बड़े लाल यादव ने जांच टीम को बताया कि यह जमीन पार्किंग बनाने की बात कहकर ली गई थी। ठेकेदार महावीर सिंह ने बताया कि सत्यम व मुन्ना निवासी उस्तापुर ने दिलाई थी। किसान के बयान पर भी गंभीर सवाल यह है कि आखिर जब वहां पार्किंग के बजाय इतनी बड़ी संख्या में टेंट और कॉटेज लग रहे थे तो उन्होंने कोई सवाल क्यों नहीं उठाया। जाहिर है, पैसे के लालच में सभी एक दूसरे से मिले हुए थे।
श्रद्धालुओं को भेजा वापस
जांच टीम जिस वक्त पहुंची, टेंट सिटी में दर्जनों लोग रह रहे थे। इनमें देसी-विदेशी श्रद्धालु भी थे। प्रशासन ने इनसे भी बात की। इसके बाद टेंट सिटी में तालाबंदी कराकर उन्हें मेला क्षेत्र में छुड़वा दिया।