हाल ही में गाजियाबाद, ललितपुर एवं कानपुर के प्रतिष्ठित महाविद्यालयों के प्राचार्यों को प्रबंधन ने मनमानी करते हुए निलंबित कर दिया। गाजियाबाद के एक कॉलेज के मामले में उच्च शिक्षा निदेशक व कुलपति के हस्तक्षेप के बाद भी कॉलेज प्रबंधन मनमानी पर अड़ा है। जबकि, कुलपति ने कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि प्राचार्य का निलंबन वापस लिया जाए और उन्हें पद की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
प्राचार्यों ने कहा कि प्रबंधन उन्हें शासन की मंशा के अनुरूप काम करने से रोक रहा है। निदेशक से मांग की गई कि प्राचार्यों के निलंबन को रोकने के लिए विश्वविद्यालय अधिनियम/परिनियम को संशोधित किया जाए और निलंबन पर कुलपति की संस्तुति मिलने पर ही उसे प्रभावी माना जाए। निदेशक के सामने कुछ अन्य मांगें भी रखी गईं। जो प्राचार्य मातृ संस्था से अवकाश लेकर प्राचार्य पद पर आए हैं, उन्हें पांच वर्ष के लिए असाधारण अवकाश दिया जाए।
राजकीय की जगह अशासकीय कॉलेजों में भी कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग पर रखने के लिए बजट आवंटित किया जाए। निदेशक डॉ.अमित भारद्वाज ने प्राचार्यों की मांग पर त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया। प्राचार्यों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुई तो अब राज्यपाल से मिलेंगे। इस मौके पर प्रो. विवेक द्विवेदी, प्रो.ब्रजेंद्र सिंह, प्रो.मुकेश, प्रो.रणंजय, प्रो.अनूप, प्रो.निवेदिता मलिक, प्रो.अलका रानी, प्रो.प्रदीप पांडेय, प्रो.ब्रजेश जायसवाल रहे।