कौशाम्बी के मंझनपुर में सदर कोतवाली के देवखरपुर गांव में दस साल के बच्चे की बलि देने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्चे को पहले शराब पिलायी गई और फिर उसे देव स्थान पर ले जाकर उसकी बलि देने का प्रयास किया।
पड़ोस की महिला के शोर मचाने पर आरोपी भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लिया है।
देवखरपुर गांव निवासी मोतीलाल अपनी पत्नी गोमती देवी के साथ शनिवार को मैहर गया था। घर पर उसका दस वर्षीय बेटा रंजीत अपनी दो छोटी बहनों के साथ था। रविवार को बच्चों की देखभाल के लिए रंजीत की बड़ी बहन व जीजा घर आए।
रविवार की शाम रंजीत घर से सब्जी लेने के लिए निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। परेशान घरवाले उसकी खोजबीन कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला गांव में शोर मचाते हुए पहुंची कि कुछ लोग रंजीत को काली माता की थान (चबूतरे) पर बलि देने के लिए ले गए हैं।