मुनेंद्र बाजपेयी
प्रयागराज। एमएलएन मेडिकल कॉलेज के सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय (चिल्ड्रेन) के खाते में बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गई है। संसाधनों के परीक्षण और निरीक्षण के बाद एमसीआई ने 56 साल बाद पीडियाट्रिक एमडी में सात सीट बढ़ाने की स्वीकृति दे दी है। अब यहां तीन नहीं एमडी के दस छात्र पढ़ाई कर सकेंगे। इससे न केवल मेडिकल कॉलेज का मान बढ़ेगा, बल्कि चिल्ड्रेन की व्यवस्थाओं में भी सुधार होगा।
चिल्ड्रेन अस्पताल की वर्ष 1963 में स्थापना 50 बेड से हुई थी। तब से यहां एमडी की तीन सीटें ही थीं। कई बार के प्रयास के बाद एमसीआई टीम निरीक्षण को आती तो कहीं न कहीं मानक पूरे होने में पेच फंस जता। इधर, तीन साल से यह प्रयास लगातार जारी था। कुछ महीने पहले सैफई मेडिकल कॉलेज से प्रो. डॉ. मुकेश बीर सिंह यहां स्थानांतरित होकर आए तो प्रोफेसरों की कमी पूरी हुई। विभागाध्यक्ष बनने के साथ ही व्यवस्थाओं में सुधार किया।
प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह के निर्देशन में संसाधनों को एमसीआई मानक के अनुरूप विकसित किया गया। जुलाई में ही यहां शिक्षकों के सभी पद भरने के साथ 110 बेड पर मरीज भर्ती करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। एनआईसीयू, पीआईसीयू को भी अपग्रेड किया गया। नया ओपीडी कक्ष भी स्थापित कराया गया।
प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक 24 सितंबर को यहां आई एमसीआई की टीम ने निरीक्षण किया था। उनकी रिपोर्ट पर अब पीडियाटिक एमडी की सात सीटें बढ़ाई गई हैं। इसके साथ ही अब दस सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। तीन साल में 30 रेजिडेंटों के रहने से अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने 56 साल बाद एमडी की सीटों में बढ़ोत्तरी को बड़ी उपलब्धि और टीम भावना का परिणाम बताया। उन्होंने कहाकि जल्द ही अन्य विभागों में भी एमडी की सीटों में वृद्धि की उम्मीद है।