इलाहाबाद (ब्यूरो)। आने वाले दिनों में अरहर दाल को लेकर फिर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे इसलिए कि शहर में दाल की आवक पूरी तरह बंद है। मुट्ठीगंज और खलीफा मंडी के व्यापारियों के पास पहले से रखी दाल ही बाजार में उपलब्ध है। इसके अलावा गल्ला तिलहन व्यापार मंडल कम कीमत पर भी दाल उपलब्ध करा है। इसकी मांग अधिक होने के कारण दाल तेजी से खत्म हो रही है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में दाल की कीमत और बढ़ सकती है।
इलाहाबाद में अरहर दाल महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से आती है। करीब दस दिन पहले तक यहां प्रतिदिन दो से तीन ट्रक अरहर दाल आ रही थी, लेकिन अब आवक पूरी तरह बंद है। दाल की कीमत में बढ़ोतरी और फुटकर बाजार में दो सौ रुपये प्रतिकिलो तक पहुंचने पर केंद्र सरकार ने छापेमारी की तो जमाखोरों के पास से भारी मात्रा में अरहर दाल जब्त की गई। दूसरी ओर कीमत काफी अधिक बढ़ने के कारण दाल की खपत भी कम हो गई है। इसकी वजह से व्यापारी दाल मंगाने से कतरा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक अरहर दाल न मंगाने का एक कारण छापेमारी भी है। व्यापारी डरे हुए हैं, क्योंकि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश से दाल मंगाने के दौरान बीच में जांच के दौरान अफसरों ने गाड़ी रोक ली और जमाखोरी का आरोप लगा दिया तो व्यापारी के लिए मुसीबत खड़ी हो जाएगी, सो उन्होंने दाल मंगाना ही बंद कर दिया है।
गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश केसरवानी का कहना है कि शहर में अरहर दाल की मात्रा सीमित रह गई है। इसके अलावा कम कीमत पर भी बेची जा रही है, जिसकी वजह से दाल तेजी से खत्म हो रही है। दीपावली के बाद आवक न शुरू हुई तो फिर संकट खड़ा होगा।
गल्ला तिलहन व्यापार मंडल की ओर से तीन मोबाइल वैन और मुट्ठीगंज में दो दुकानों से कम कीमत पर अरहर दाल बेची जा रही है। बुधवार को शहर के विभिन्न इलाकों में वैन से तथा मुट्ठीगंज की दोनों दुकानों से तकरीबन 30 क्विंटल दाल बिकी। इसके अलावा राज्य कर्मचारी कल्याण निगम की ओर से भी कम कीमत पर दाल उपलब्ध कराई जा रही है।