फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रात का पारा 13.6 डिग्री, अचानक बढ़ी ठंड की सिहरन, सेहत पर भारी

विज्ञापन
temprature fall, winter season start
विज्ञापन
प्रयागराज। उत्तर पूर्वी हवाओं के प्रभावी होने से रात का न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री पर आ गया है। इससे अचानक ठंड बढ़ी है। रात में गोता लगाए पारे के साथ सर्द हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी। शुक्रवार नवंबर का सबसे सर्द दिन रहा। यह बदलाव मौसम सेहत पर भी भारी पड़ रहा है। अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। मौसम विज्ञानी प्रो, एचएन मिश्रा के मुताबिक महासागरों में ला निना जल धारा प्रवाह के कारण इस बार ठंड कड़क होगी। वहीं बदले मौसम में दिवाली से पहले बारिश के भी आसार हैं।
विज्ञापन

अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से तापमान में उठापटक शुरू हुई। पहले रात में सुरसुरी फिर दिन में भी धूप कमजोर हुई। बुधवार से रातें पहले से अधिक ठंडी होने लगी हैं। इस महीने पांच दिन अधिकतम तापमान 31 डिग्री के पार रहा। शुक्रवार को यह तापमान 30 डिग्री के नीचे आकर 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम पारा भी लुढ़क रहा है। रात का ताममान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी बढ़ने के कारण धूप कमजोर है। सूरज ढलने के बाद लोग हाफ स्वेटर, हुडी पहने दिख रहे हैं। आर्द्रता अधिकतम स्तर 92 और न्यूनतम स्तर 34 प्रतिशत रही।
ठंड होगी कड़क, कोहरा भी सताएगा
मौसम विज्ञानी प्रो, एचएन मिश्रा के मुताबिक चार वर्ष में महासागरों में सक्रिय होने वाले ला निना जलप्रवाह के प्रभावी होने से इस बर ठंड कड़क होगी। साथ ही कोहरा भी परेशानी का कारण बनेगा। घर वापसी कर रहा मानसून अभी दक्षिण भारत में बारिश करा रहा है। इसके उत्तर भारत में सक्रियता के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर होने के कारण दिवाली से पहले यहां भी बारिश के आसार हैं। हमें इस बार अन्य वर्षों की अपेक्षा तेज ठंड के लिए तैयार रहना होगा।
विज्ञापन

बदले मौसम में वायरल अटैक, बुखार, खांसी, नजला, डायरिया के मरीज बढ़े
अचानक सर्द हुआ मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। वायरल अटैक इस कदर बढ़ा है कि हर तीसरा व्यक्ति सर्दी, जुकाम, नजला या खांसी, बुखार से पीड़ित है। बच्चों और बुजुर्गो में वायरल डायरिया फैला है। सरकारी ही नहीं निजी अस्पतालों में मरीजों की भरमार है।
चिल्ड्रेन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मुकेश बीर सिंह बताते हैं कि बच्चों में वायरल अटैक बढ़ा है। बुखार, खांसी पीड़ित बच्चों के इलाज में लापरवाही उन्हें निमोनिया संक्रमित बना रहा है। यह घातक है। अस्पताल में बच्चा मरीजों की संख्या सामान्य दिनों से दोगुनी हो गई है। एसआरएन अस्पताल के फिजीशियन डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक सामान्य ओपीडी बंद होने के बाद भी मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का कारण है। कोविड जांच के डर से लोग बुखार, खांसी से पीड़ित होकर भी इलाज नहीं करा रहे हैं। ऐसे कई मरीजों का इलाज किया गया, जो कोरोना निगेटिव थे लेकिन इलाज कराने देर से पहुंचे। उन्होंने बताया कि वायरल अटैक का समय है। ओराइजा पीड़ित मरीजों की बहुतायत है। ऐसे में सिम्टोमैटिक इलाज किया जा रहा है। इसलिए
सामान्य सी परेशानी की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट डॉ. आलोक मिश्रा ने बताया कि बदलते मौसम में लिवर संबंधी बीमारियां उभरती हैं। ओपीडी में वायरल डायरिया के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। उन्होंने बताया कि पेट में मरोड़, गैस का बनना, दस्त और आंतों में सूजन के मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। ऐसे मौसम में पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष एहतियात बरतना चाहिए।
इस तरह करें बचाव
0 बुखार, खांसी, जुकाम हो तो चिकित्सकीय परामर्श लें
0 गुनगुना पानी ही पीएं, ठंडी चीजों से परहेज करें
0 धूल और धुआं से बचाव जरूर किया जाए
0 कूलर, एसी बंद कर हो सके तो पंखें की सीधी हवा से बचें
0 हर बुखार पीड़ित कोविड संक्रमित नहीं होता, इसलिए कोविड जांच कराने से हिचकें नहीं
प्रदूषण बढ़ने के आसार, स्मॉग करेगा परेशान
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने खराब हो रही हवा को शुद्ध बनाने के लिए पराली न जलाने की अपील की है। कोविड अनलॉक में शहर के तीन इलाकों में बढ़ा वायु प्रदूषण काबू में करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। शहर के जानसेनगंज, बैरहना और कटरा इलाके में बढ़ा वायु प्रदूषण लोगों को बीमार बना रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप विश्वकर्मा ने बताया कि सितंबर माह के आंकड़े चिंताजनक हैं। हम फिलहाल लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक कर रहे हैं। गांव-गांव में लोगों से अपील की जा रही है कि वह पराली न जलाएं। उन्होंने बताया कि फिलहाल वायु प्रदूषण छह माह के उच्चतम स्तर पर है।
अक्तूबर के आंकड़े आने पर बचाव की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के मुताबिक इस बार ठंड के साथ स्मॉग इस बार भी परेशान करेगा। अभी अधिक प्रदूषित क्षेत्रों में नगर निगम के सहयोग से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। शुक्रवार को बैरहना चौराहे पर लोगों को धूल से राहत दिलाने के लिए पानी का छिड़काव पांच बार कराया गया। इसके लिए जलकल विभाग ने मशीनें उपलब्ध कराईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें