इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीएएमएस/एमबीबीएस पेपर लीक व आय से अधिक संपत्ति के आरोपी टेंपो चालक देवेंदर सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल ने दिया है। पुलिस ने आगरा के हरि पर्वत थाने में पेपर लीक मामले में मुकदमे दर्ज है। मुकदमे के अनुसार डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के कुलपति के निर्देश पर पेपर सेंटर से एजेंसी को भेजा गया।
इस दौरान जिस टेंपो से पेपर भेजा गया उसे देवेंदर चला रहा था। आरोप है कि रास्ते में पेपर के साथ छेड़छाड़ की गई। इस मामले में टेंपो चालक पर मुकदमा दर्ज है। उसने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की। याची अधिवक्ता ने दलील दी कि याची के खिलाफ कोई ठोस विश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। 20 जुलाई 2023 से आरोपी जेल में बंद है। ऐसे में उसे जमानत दी जानी चाहिए। विपक्षी अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। ब्यूरो
वजीफा घोटाले में जेल में बंद मदरसा प्रबंधक मोहसिना खान को मिली जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वजीफा घोटाले के आरोप में जेल में बंद मदरसे की प्रबंधक मोहसिना खान को सशर्त जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की पीठ ने दिया है। मेरठ के जाकिर कॉलोनी स्थित मदरसे में मोहसिना प्रबंधक थीं। वजीफा के करीब पांच लाख रुपये गबन के आरोप में उन पर 2019 में थाना आर्थिक अपराध शाखा में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में छह साल से चल रही जांच के दौरान पुलिस ने 14 अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजा। मोहसिना ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की।
मोहसिना के वकील सुनील चौधरी ने दलील दी कि उनके मुवक्किल पर लगे आरोप झूठे हैं। 2019 में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस छह साल तक कोई पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाई थी। वकील ने यह भी कहा कि मोहसिना जांच में सहयोग कर रही थीं और वह फरार भी नहीं हुई थीं।