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शॉर्ट सर्किट से लगी आग में जिंदा जला किशोर

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शॉर्ट सर्किट से लगी आग में जिंदा जला किशोर
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प्रयागराज। कीडगंज के पूरावल्दी स्थित एक घर में मंगलवार भोर में हुए भीषण अग्निकांड में शनि उर्फ बाबू निषाद (15) जिंदा जल गया। हादसा तब हुआ जब तक वह सो रहा था। शॉर्ट सर्किट से लगी आग की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। उसे बचाने में उसका भाई भी झुलस गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे से परिवार में कोहराम है।
कीडगंज के पूरावल्दी में रहने वाली संगीता देवी के पति छन्नेलाल निषाद का निधन हो चुका है। उनके तीन बच्चों में शनि दूसरे नंबर का था। इसके अलावा बड़ा बेटा अनिकेत व बेटी आंचल है। शनि अपने और अपने परिवार के जीविकोपार्जन के लिए नाव चलाता था। परिजनों ने बताया कि रोज की तरह सोमवार रात भी खाना खाने के बाद सभी सो गए। संगीता बड़े बेटे अनिकेत व बेटी आंचल के साथ पहले तल पर सो रही थीं। जबकि शनि भूतल पर स्थित बने कमरे में सो रहा था। भोर में चार बजे के करीब अचानक ऊपरी तल पर सो रहे परिजनों की नींद खुली तो उन्होंने पूरे घर में धुआं फैला देखा। वह चीखते हुए नीचे उतरे। नीचे कमरे की ओर पहुंचे लेकिन खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं ख्ुाला। कोई जवाब नहीं मिलने पर अनिकेत दरवाजा तोड़कर भीतर गया तो देखा कि कमरे में चारों तरफ आग फैली हुई थी। उधर, बिस्तर पर बेसुध पड़ा शनि आग की चपेट में आ चुका था। अनिकेत ने कोशिश की लेकिन, आग इतनी भयावह हो चुकी थी कि शनि को बचाया नहीं जा सका। वह आग की चपेट में आने से जिंदा जल गया। उधर भाई को बचाने की कोशिश में अनिकेत भी झुलस गया। सूचना पर नई बस्ती चौकी प्रभारी रंजीत कुमार पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर घायल अनिकेत को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होेंने बताया कि कमरा भीतर से बंद था। ऐसा लग रहा है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी। जांच पड़ताल की जा रही है।
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परिवार में मचा रहा कोहराम
उधर शनि की मौत से उसके परिवार में कोहराम मचा रहा। मां संगीता व छोटी बहन आंचल के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मौके पर जुटे मोहल्लेवालों में चर्चा रही कि पति की मौत के बाद संगीता बच्चोें के सहारे जिंदगी जी रही थी। लेकिन नियति को यह भी मंजूर नहीं हुआ। उधर घायल अनिकेत भी बार-बार भाई को याद कर सुबकता रहा।
दम घुटने से तो नहीं हुई मौत
इस घटना में यह भी आशंका जताई जा रही है कि आग की चपेट में आने से पहले ही शनि की मौत हो गई हो। यही वजह रही कि वह दरवाजा नहीं खोल सका। दरअसल ऊपरी तल के साथ ही भूतल पर भी चारोें ओर धुआं फैल गया था। घरवालों ने कई बार आवाज लगाई लेकिन शनि ने जवाब नहीं दिया। ऐसे में हो सकता है कि धुआं भर जाने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हुई हो और फिर शव आग की चपेट में आ गया हो। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है।
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जलकर राख हो गया कीमती सामान
भीषण अग्नि दुर्घटना में न सिर्फ किशोर की जान चली गई बल्कि घर में रखा कीमती सामान भी बर्बाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कमरे में रखी टीवी, बेड, कपड़े राख के ढेर में तब्दील हो गए थे। आग इतनी भयावह थी कि वहां रखी लोहे की आलमारी भी जलकर पूरी तरह काली पड़ गई थी। कमरे का मंजर देख लोगों का कलेजा मुंह को आ गया।
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