केंद्रीय कारागार नैनी से फरार कैदी कालीचरण को लेकर टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापा मार रही हैं। महोबा और दिल्ली के बाद टीम उसकी लोकेशन मिलने पर बांदा और मुंबई रवाना हुई हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं।
20 जुलाई को बाग कमान के लिए चक्र दो से निकला कैदी कालीचरण कृषि फर्म से सिपाहियों को चकमा देेते हुए फरार हो गया था। मामले में 21 जुलाई को नैनी कोवताली में कारापाल ने मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं, उसकी तलाश में डीसीपी यमुनानगर श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने एसओजी और नैनी पुलिस की तीन टीमें बनाई थीं। उसकी तलाश में टीम महोबा और दिल्ली पहुंची थी। टीम ने महोबा में उसके परिवारवालों और रिश्तेदारों से पूछताछ की थी, लेकिन पता नहीं चलने पर टीम बैरंग वापस लौट आई। मामले में रविवार को दो टीमें मुंबई और बांदा के लिए रवाना हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार उसकी लोकेशन बांदा में मिली है। वहीं, उसके साथ के कुछ लोगों के मुंबई में काम करने की भी जानकारी मिली है। इसी आधार पर टीम मुंबई भी रवाना हुई है। एसीपी करछना संजय सिंह ने बताया कि टीमें संभावित ठिकानों पर छापा मार रही हैं।
नौ मार्च को पहुंचा था नैनी जेल
महोबा के थाना नगर कोतवाली पसवारा मोहल्ला निवासी कालीचरण ऊर्फ बऊवा 24 पुत्र मुल्लू को एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 26 जुलाई 2023 को महोबा की जिला अदालत ने 20 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद नौ मार्च को उसे केंद्रीय कारागार नैनी में लाया गया था। उसे चक्र संख्या में दो में रखा गया था। उसके साथ उसका बहनोई भी इसी मामले में यहां पर शिफ्ट किया गया था। बंदी कालीचरण के फरार होने के दो दिन पहले उसकी पत्नी और भाई महोबा से उसके मिलने आए थे। 20 जुलाई को बाग कमान में उसके साथ 22 अन्य बंदियों को भी बाहर निकाला गया था। पुलिस ओर जेल अधिकारियों से उसके चक्र में साथ रहने वाले बंदी और कमान में बाहर निकाले गए बंदियों से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।
चीफ वार्डर समेत चार जेलकर्मी को किया गया था निलंबित
केंद्रीय कारागार नैनी से बंदी कालीचरण ऊनर्फ बऊवा के फरार होने के बाद जेल प्रशासन द्वारा चीफ वार्डर समेत चार जेलकर्मी निलंबित कर दिया गया है। मामले में हेड वार्डर बलवीर सिंह, वार्डर आशुतोष चतुर्वेदी, अभिषेक सिंह और बृजेश यादव को निलंबित किया गया था। वहीं, मामले की जांच के लिए पांच सदस्य टीम का गठन किया गया है।