इलाहाबाद (ब्यूरो)। इविवि अध्यापक संघ (ऑटा) ने संगीत विभाग के शिक्षक डॉ. धर्मपाल पर हमले एवं उन पर लगे आरोपों की सीबीआई से जांच कराने की कुलपति से मांग की है। ऑटा सदस्यों ने विवि प्रशासन से कहा कि शिक्षक पर हमला करने वालों को निष्कासन करने के साथ उनकी डिग्री वापस ली जाए। अध्यापक संघ ने इविवि कार्यपरिषद की बैठक बुलाकर इस मामले पर विचार करने की मांग की है।
हिन्दी विभाग में ऑटा की विस्तारित कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को उपाध्यक्ष प्रो. राम कृपाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें कुलपति एवं जिला प्रशासन से मिलकर उनसे शिक्षक पर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे। बैठक के दौरान शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों से अपील की गई कि वह ऐसा व्यवहार न करें, जिससे विवि की गरिमा कम हो। बैठक में प्रो. राम किशोर शास्त्री, प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. एके मुखर्जी, प्रो. मुश्ताक अली, प्रो. एसके नाहर, प्रो. जयंत खोत, प्रो. एमएसके प्रसाद, डॉ. हर्ष कुमार, डॉ. शशिकांत राय, प्रो. वीडी मिश्र, डॉ. पीके मलिक, डॉ. रेनू जौहरी, डॉ. ज्योति मिश्र, प्रो. उमाकांत यादव, डॉ. दीनानाथ शुक्ल, डॉ. डीसी लाल, आक्टा के डॉ. सुनील कांत, डॉ. उमेश प्रताप सहित महाविद्यालयों के भी प्रतिनिधि शामिल हुए।
अध्यापक संघ की बैठक के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति खड़ी हो गई जब शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. डीसी लाल ने संगीत विभाग के ही एक प्रोफेसर पर आरोप लगा दिए कि उनके उकसाने पर डॉ. धर्मपाल पर आरोप लगे तथा हमला किया गया। बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने इस बात का विरोध किया। यह भी बात सामने आई कि हाल ही में विभाग में परीक्षक नियुक्त करने के मामले में हुए विवाद से यह मामला जुड़ा है। पता चला है कि संगीत विभाग के अध्यक्ष ने अपनी जगह डॉ. धर्मपाल को ही परीक्षक नियुक्त किया था। यह विवाद उस प्रकरण से ही जुड़ा है।
ऑटा की बैठक के दौरान संगीत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल पर हमले की जांच अनुसूचित जाति के शिक्षकों डॉ. डीसी लाल, डॉ. चंदा देवी, डॉ. भूरे लाल ने एससी-एसटी सेल से कराने की मांग की। ऑटा ने भी इस मांग पर सहमति जताते हुए कहा कि एससी-एसटी सेल चाहे तो जांच कर सकता है। डॉ. डीसी लाल ने बताया कि एससी-एसटी सेल कुलपति से पूरे प्रकरण की जांच की सिफारिश करेगा।