हाथ में आई नौकरी अंतिम समय में फिसली
0 शिक्षक भर्ती काउंसलिंग में बुलाए गए अभ्यर्थी हुए निराश, सता रही भविष्य की चिंता
डॉ. अखिलेश मिश्र
प्रयागराज। पीसीएस, एसएससी, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड जैसी भर्ती संस्थाओं की कई परीक्षाओं में अंतिम मौके पर चयन से बाहर होने के बाद बेरोजगारों के लिए प्राथमिक विद्यालयों के लिए शिक्षक की नौकरी बची थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद वह भी हाथ में आकर फिसलती नजर आ रही है। चार बार पीसीएस मुख्य परीक्षा और दो बार साक्षात्कार तक पहुंचे भदोही के उमेश दुबे का काउंसलिंग के लिए चयन अलीगढ़ के लिए हुआ था, वह निराश हैं कि नौकरी हाथ में आकर चली गई। आगे कोर्ट का क्या निर्णय होगा, इसके लिए कितना इंतजार करना पड़ेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता।
शहर के अल्लापुर की डॉली मिश्रा का काउंसलिंग चयन प्रतापगढ़ के लिए हुआ है, वह चार जून को काउंसलिंग की तैयारी में थीं, अब कोर्ट की रोक के बाद नौकरी की उम्मीद डूबती नजर आ रही है। वह लगातार माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड सहित दूसरी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में साक्षात्कार तक पहुंच चुकी हैं। इनका कहना है कि पहले तो कोर्ट की रोक के चलते डेढ़ वर्ष इंतजार किया, अब कितना और करना है पता नहीं। शाहजहांपुर में काउंसलिंग के लिए चुने गए अनुराग लगातार उत्तर प्रदेश लोक सेवा की कई परीक्षाओं में सफल हुए हैं। साक्षात्कार में सफलता नहीं मिलने से उन्हें भी प्राथमिक शिक्षक की नौकरी का इंतजार था। अब कोर्ट की रोक से निराश हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं सहित शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे विकास कुमार मिश्र का काउंसलिंग के लिए चयन लखीमपुर खीरी के लिए हुआ है, वह निराश हैं कि एक नौकरी हाथ आई थी वह भी निकल गई। काउंसलिंग पर रोक के फैसले के बाद डेढ़ वर्ष से शिक्षक भर्ती परीक्षा के रिजल्ट का इंतजार कर रहे बेरोजगारों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है।