बीस साल नौकरी करने के बाद शिक्षक बर्खास्त
फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी हासिल करने के मामले में हुई कार्रवाई
प्रयागराज। अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले कन्हैया लाल गोंड को बर्खास्त कर दिया गया है। आरोप है कि कन्हैया लाल गोंड पुत्र स्वर्गीय राम भरोस उर्फ छेदीलाल ने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर 20 नवंबर 1999 में प्राथमिक विद्यालय सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी हासिल कर ली थी। इस बीच शिकायत पर शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू करा दी और पाया कि कन्हैया लाल गोंड पिछड़ी जाति (कहार) का है। वर्तमान में कन्हैया लाल प्राथमिक विद्यालय आंबा, विकासखंड कौंधियारा में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत है।
20 साल नौकरी करने के बाद शिक्षा विभाग ने उसे बर्खास्त कर दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार कुशवाहा ने कन्हैया लाल की सेवा समाप्त करते हुए कौंधियारा के खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं कि ज्वाइनिंग की तिथि से लेकर अब तक कन्हैया के वेतन आदि पर हुए खर्च की गणना की जाए और उससे धनराशि की वसूली की जाए। साथ ही धोखाधड़ी के आरोप में संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाए।