teacher's salaray news in covid period
प्रयागराज। शासन के सख्त निर्देश के बाद निजी स्कूलों के प्रबंधन अपने यहां तैनात शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रहे हैं। वेतन मांगे जाने के बाद निजी स्कूलों के प्रबंधन शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निकाले जाने की धमकी दे रहे हैं। शहर के बड़ी संख्या में स्कूलों में तो गिनती के शिक्षकों को रखकर शेष शिक्षकों को नोटिस देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया था। अप्रैल में शिक्षकों को नोटिस देने के साथ यह कहा गया था कि उन्हें जून-जुलाई में संपर्क किया जाएगा। निजी स्कूल के शिक्षकों ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार से उनके लिए आर्थिक पैकेज देने की मांग की है।
जुलाई शुरू होने के बाद भी निकाले गए शिक्षकों से अभी तक संपर्क नहीं किया है। शहर के एक नामी गर्ल्स स्कूल में तो पांच से सात वर्ष से अध्यापन कर रहे पांच शिक्षकों को इसलिए निकाल दिया गया कि उन्होंने पीएफ काटे जाने की मांग की थी। यहां के शिक्षकों ने जब जिला विद्यालय निरीक्षक से संपर्क किया तो उन्होंने डीएम के निर्देश के बाद भी दूसरे बोर्ड का स्कूल कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
अभी हाल में नैनी के स्कूल की शिकायत मिली है कि वहां शिक्षकों को मार्च से जून तक वेतन नहीं दिया गया है, शिक्षक प्रबंधक से इसलिए वेतन की मांग नहीं कर रहे कि कहीं उन्हें निकाल न दिया जाए। नैनी के इस स्कूल में वेतन नहीं दिए जाने की बात जब डीआईओएस की गई तो उन्होंने कहा कि यह स्कूल जूनियर हाईस्कूल तक ही है, इसकी जिम्मेदारी बीएसए की है। शिवकुटी स्थित एक स्कूल में शिक्षकों को नोटिस देकर बाहर कर दिया गया कि उन्हें जुलाई में संपर्क किया जाएगा, शिक्षकों का कहना है कि अभी तक स्कूल से उनके पास बुलावा नहीं आया है। घूरपुर स्थित एक नामी स्कूल में शिक्षकों को मार्च महीने से लगातार वेतन नहीं दिया जा रहा है, शिक्षकों को पूरी गर्मी ऑनलाइन क्लास के लिए विवश करने और अभिभावकों से फीस वसूले जाने के बाद स्कूल प्रबंधन शिक्षकों की ओर से वेतन मांगे जाने पर उन्हें निकाले जाने की धमकी दे रहा है। प्रबंधन की मनमानी से परेशान शिक्षकों ने प्रदेश एवं केंद्र सरकार से निजी स्कूल में काम कर रहे शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए सहायता देने की मांग की है।