युवा मंच के बैनर तले सोमवार को सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज में जोरदार आंदोलन किया। यह आंदोलन टीजीटी-पीजीटी भर्ती की पुरानी नियमावली और प्रारूप से भर्ती की मांग को लेकर था।
युवा मंच के बैनर तले सोमवार को सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज में जोरदार आंदोलन किया। यह आंदोलन टीजीटी-पीजीटी भर्ती की पुरानी नियमावली और प्रारूप से भर्ती की मांग को लेकर था।
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करीब दो बजे प्रदर्शनकारियों को जानकारी मिली कि शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रयागराज में हैं। उन्होंने तत्काल निदेशक से मुलाकात की। निदेशक ने बताया कि अपर शिक्षा निदेशक से इस न्यायालयी मामले में जवाब मांगा गया है। जवाब मिलते ही मामला शासन स्तर पर भेजा जाएगा। इसके बाद युवा मंच के प्रतिनिधि अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर तत्काल पत्र भेजने की मांग की। अपर शिक्षा निदेशक ने 25 अगस्त को पत्र भेजने का आश्वासन दिया। उन्होंने पुरानी नियमावली से संबंधित कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात कही।
भर्ती नियमों में बदलाव का विरोध
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने भर्ती नियमों में बदलाव को अभ्यर्थियों के हित में नहीं बताया। उन्होंने कहा कि 16 सितंबर 2025 को जारी राजपत्र से नियम बदले गए हैं। इन बदलावों के कारण उत्तर प्रदेश के 7 लाख से अधिक अभ्यर्थी अवसर से वंचित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा सामान्य अध्ययन और नकारात्मक अंकन जैसे नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया और जटिल होगी तथा शिक्षकों की भर्ती समय से पूरी होना मुश्किल है।
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युवा मंच की प्रमुख मांगें
युवा मंच ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 20,000 रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली से तत्काल विज्ञापन जारी करने की मांग की। उन्होंने पूरी भर्ती प्रक्रिया पुरानी नियमावली के आधार पर आगे बढ़ाने को कहा। इससे सामान्य अध्ययन और नकारात्मक अंकन जैसी विसंगतियों से अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। अनिल सिंह ने बताया कि प्रवक्ता पदों पर बिना बीएड. वाले अभ्यर्थियों को अवसर और विभिन्न विषयों की योग्यता संबंधी विसंगतियां पुरानी नियमावली से ही दूर हो सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इन विसंगतियों का समाधान न होने पर भर्ती कानूनी विवादों में फंस सकती है।