फर्जी डिग्री पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड की फर्जी मार्कशीट व डिग्री के आधार पर नौकरी करने के आरोपी शिक्षक की नियुक्ति रद्द कर वेतन की वसूली आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने शिक्षक की याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने सचवरा प्राइमरी स्कूल कौशाम्बी के सहायक अध्यापक राजेश कुमार शुक्ल की याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर हजारों ऐसे अध्यापकों को बर्खास्त कर दिया गया, जिनकी बीएड की डिग्री फर्जी होने का आरोप है।
वर्ष 2005 में आगरा विश्वविद्यालय से हजारों छात्रों ने बीएड की डिग्री हासिल की है। बाद में इन डिग्रियों के फर्जी होने के आरोपों की जांच एसआईटी ने की और जिनकी डिग्रियां फर्जी पाई गईं, उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई। याची का कहना है कि ऐसी ही कई याचिकाएं व विशेष अपील पर कोर्ट ने राहत दी है। जिसके आधार पर कोर्ट ने याची को भी राहत दी है। याचिका अन्य लंबित याचिकाओं के साथ सुनी जाएगी।