इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ के चर्चित तारिक हत्याकांड के अभियुक्त सुरेंद्र कुमार की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। सुरेंद्र की जमानत पर न्यायमूर्ति डीके सिंह ने सुनवाई की। याची पर आरोप है कि उसने सह अभियुक्त विनय और त्रिलोकी के साथ मिलकर 23 फरवरी 2020 को तारिक को उस समय गोली मार दी थी जब वह अपने दो भाइयों के साथ मकान के बारजे पर खड़ा था।
दोनों उस वक्त सीएए-एनआरसी को लेकर चल रहे आंदोलन को अपने घर से खड़े होकर देख रहे थे। घटना में सुरेंद्र की भूमिका तारिक को गाली देने और मारने के लिए उकसाने की बताई गई। याची का कहना था कि वह निर्दोष है और घटना में उसकी कोई भूमिका नहीं है। याची 23 जून 2020 से जेल में बंद है। कोर्ट ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। इस मामले में मुख्य अभियुक्त विनय की जमानत हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है।