Tantriks are sweeping mental patients
मानसिक स्वास्थ्य दुरुस्त रखने के प्रति लोग सजग नहीं हैं। सिर्फ बीस फीसदी मरीज ही इलाज कराने डॉक्टर के पास जाते हैं। हिचक, बदनामी और सामाजिक प्रतिष्ठा के डर के मानसिक रोग छिपाने वाले अधिकतर लोगों को ऊपरी फेर की आशंका रहती है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति ज्यादा विकट है। मानसिक बीमारियों का इलाज कराने अस्पताल जाने के बजाय लोग तांत्रिकों के पास झाड़फूंक कराने जाते हैं। एक सर्वे के मुताबिक 80 फीसदी लोग मानसिक बीमारियों का इलाज कराने तब चिकित्सक के पास जाते हैं, जब स्थिति गंभीर हो जाती है।
एमएलएन मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह के मुताबिक ओपीडी में प्रतिदिन औसतन सौ मरीज आते हैं। इनमें अधिकतर गंभीर रूप से मानसिक बीमार होते हैं। परामर्श के दौरान पता चला कि मरीज टोना-टोटका, ऊपरी फेर का असर मानकर मानसिक बीमारियों का इलाज कराने नहीं आए। पासपड़ोस के तांत्रिक लोगों को बेवकूफ बनाकर झाड़फूंक करते रहे। इनमें कई ऐसे मरीज आए जिन्हें परिवारीजन बांधकर लाए। लक्षण भांपकर अस्पताल आने वाले कुछ ही दिनों में दवा और काउंसलिंग से ठीक हो गए।
डॉ. क्षितिज श्रीवास्तव ने बताया कि 50 फीसदी तीमारदार मानसिक बीमारी से पीड़ित अपने सगे संबंधी को खतरनाक मानते हैं, जबकि यह गलत है। ऐसे मरीज अपनों के व्यवहार से उपेक्षित होकर उग्र हो जाते हैं, जिसे देखकर घरवालों की धारणाएं भी बदल जाती हैं। उन्होंने बताया कि घरेलू माहौल स्वस्थ रहे तो मानसिक बीमारियां दूर रहती हैं। डिप्रेशन या अन्य मानसिक बीमारियों के शिकार व्यक्ति थोड़े से प्रयास से ठीक हो सकता है।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग वर्मा ने 300 मरीजों के इलाज के आधार पर बताया कि मानसिक रोग अनुवांशिक नहीं है। मरीज के गंभीर होने का खतरा तब बढ़ जाता है, जब बीमारी को छिपाने की कोशिश आदत बन जाती है। 80 फीसदी मरीजों में कुछ ने बीमारी छिपाई तो कुछ ने झाड़फूंक कराई, नतीजा उनकी स्थिति गंभीर हो गई। उन्होंने बताया कि इक्का दुक्का मामलों को छोड़कर मानसिक बीमारी का कारण लोग खुद होते हैं। सार्थक सोच और हंसी खुशी का माहौल इस मर्ज से बचाता है।
मानसिक जागरूकता रैली कल, क्विज आज
एमएलएन मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग की ओर से रविवार को मानसिक रोग जागरूकता रैली निकाली जाएगी। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने शुक्रवार को विभाग में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया मानसिक रोगों से पीड़ित लोग उपचार से वंचित न रहें, इसलिए जागरूकता सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. वीके सिंह ने बताया कि प्राचार्य कार्यालय के सामने से रविवार को प्रात:9.30 बजे जागरूकता रैली शुरू होकर सिविल लाइंस में सुभाष चौराहे तक जाएगी। रैली का शुभारंभ न्यायमूर्ति ओम प्रकाश हरी झंडी दिखाकर करेंगे। सुभाष चौराहे पर मानसिक रोग जागरूकता प्रदर्शनी 13 से 19 अक्तूबर तक रहेगी। इसमें मानसिक बीमारियों और उनसे बचाव के उपाय के साथ इलाज के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इससे पहले शनिवार को कॉलेज में यूजी क्विज का आयोजन किया जाएगा।