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सिडनी, लंदन की तरह इलाहाबाद में बनेगा पुल

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इलाहाबाद। नैनी को झूंसी से जोड़ने के लिए प्रस्तावित पुल इलाहाबाद की पहचान होगा। जिस तरह हावड़ा ब्रिज, सिडनी ब्रिज, लंदन ब्रिज वहां की पहचान है, संगम पर गंगा के ऊपर बनाने जा रहे पुल को दुनिया भर के लोग ‘इलाहाबाद के पुल’ के रूप में जानेंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को नैनी के सड़वा गांव में सरस्वती हाईटेक टाउनशिप के शिलान्यास के मौके पर हुई सभा में की। कहा कि पुल के निर्माण में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके साथ ही वे इलाहाबाद को मेट्रो रेल की सौगात देने की भी घोषणा कर गए। उन्होंने मुख्य सचिव को इसके लिए जल्द फिजिबिल्टी रिपोर्ट भी तैयार कराने का आदेश दिया।
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जल निगम की इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) की 987 करोड़ की इस योजना में पुल के साथ झूंसी की ओर बांध भी बनेगा, जिसे शास्त्री पुल से जोड़ा जाएगा। बांध पर दस लिफ्ट लगेंगी, ताकि बुजुर्ग और महिला श्रद्धालुओं को संगम में डुबकी लगाने के लिए पैदल न चलना पड़े। प्रदेश सरकार ने इस पुल के लिए पहले चरण में 300 करोड़ रुपये स्वीकृत भी कर दिए हैं लेकिन केंद्रीय जल बोर्ड से एनओसी न मिलने के कारण काम नहीं शुरू हो पा रहा है।

जनसभा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दावा किया कि संगम के पास प्रस्तावित पुल देश में अपनी तरह का इकलौता पुल होगा। कहा कि इसके निर्माण में धन की कमी नहीं आए दी जाएगी। पुल पर डेढ़ हजार करोड़ रुपये भी खर्च हुए तो वह रकम भी प्रदेश सरकार उपलब्ध कराएगी। इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने के क्रम में मुख्यमंत्री बोले, बिना मेट्रो रेल के स्मार्ट सिटी अधूरी होगी सो इलाहाबाद में मेट्रो रेल भी चलेगी। उन्होंने जनसभा में ही मुख्य सचिव आलोक रंजन को इसके लिए फिजिबिल्टी रिपोर्ट तैयार कराने का आदेश भी दे दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर से पहले केंद्र के एक मंत्री ने उन्हें फोन कर इस काम में सहयोग मांगा था। बताया कि उन्होंने मंत्री को स्मार्ट सिटी के लिए हर तरह से सहयोग का भरोसा दिलाया था।  
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नेहरू पार्क बंद होने के बाद अब इलाहाबाद के लोगों को जल्द ही गंगा-यमुना किनारे नया पार्क मिलेगा। जहां बच्चों और बड़ों के मनोरंजन के लिए हर तरह के इंतजाम होंगे। पार्क में तरह-तरह के आधुनिक झूले होंगे तो झील में बोटिंग का भी मजा लिया जा सकेगा। प्रदेश सरकार गंगा किनारे खाली पड़ी 110 एकड़ जमीन पर ग्रीन पार्क विकसित करने जा रही है। एचएफएल से पांच सौ मीटर दूर तक किसी भी तरह के निर्माण पर रोक के हाईकोर्ट के आदेश के बाद एडीए की नवप्रयागम योजना खत्म हो गई है सो बुधवार को मुख्यमंत्री ने यहां ग्रीन पार्क विकसित करने का आदेश दिया। सीएम ने कहा कि यहां समाजवादी पार्क बनाया जाएगा।
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