भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में बीटेक की छात्रा के स्वाइन फ्लू की चपेट में होने की पुष्टि के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। संस्थान में छात्र-छात्राआें की मांग के बावजूद कक्षाएं तो स्थगित नहीं की गईं लेकिन परीक्षाएं टाल दी गई हैं। मिड सेमेस्टर एग्जाम 28 फरवरी से होने थे। अब यह परीक्षाएं नौ मार्च से होंगी। सेमेस्टर प्रोजेक्ट इवैल्युएशन का काम भी 12 मार्च के बाद शुरू होगा। हालांकि होली की छुट्टी को ध्यान में रखकर विद्यार्थी अभी से घर भी जाने लगे हैं।
स्वाइन फ्लू के मद्देनजर संस्थान में एलर्ट घोषित कर दिया गया है। निदेशक की अध्यक्षता में दिन भर अलग-अलग बैठकें होती रहीं। मुख्य चिकित्साधिकारी और विशेषज्ञों की टीम बुधवार को भी संस्थान पहुंची और अफसरों तथा विद्यार्थियों के साथ वार्त की। छात्र-छात्राओं में इसे लेकर काफी दहशत है। वे कक्षाएं स्थगित करने तथा हॉस्टल खाली करने की मांग कर रहे थे। हालांकि मुख्य चिकित्साधिकारी तथा उनकी तरफ से गठित टास्क फोर्स के चिकित्सकों ने संस्थान प्रशासन को सुनिश्चित किया है कि खतरे की कोई बात नहीं है। हॉस्टल खाली कराने की भी जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों के इस आश्वासन के बाद संस्थान प्रशासन ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार तीन मार्च तक कक्षाएं चलाने की घोषणा की। हालांकि विद्यार्थियों के तनाव को देखते हुए परीक्षाएं जरूर होली के बाद कराने का निर्णय लिया गया।
विशेषज्ञों की टीम विद्यार्थियों को स्वाइन फ्लू के लक्षण और उससे बचाव के प्रति लगातार जागरूक कर रही है। उनमें स्वास्थ्य विभाग के निर्देश भी वितरित किए गए हैं।
संस्थान के चिकित्सकों की टीम मुख्य चिकित्साधिकारी और विशेषज्ञों के लगातार संपर्क में है। संस्थान में विशेषज्ञों की टीम 24 घंटे कैंप भी करेगी। इसके अलावा संस्थान में दो डॉक्टर हमेशा मौजूद रहेंगे। इसके लिए बाहर से विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। हॉस्टल के साथ संस्थान परिसर की साफ-सफाई को भी एक अभियान के तौर पर लिया गया है। इसके लिए सफाई कर्मियों की भर्ती कर ली गई है। एसोसिएट डीन स्टुडेंट अफेयर्स प्रोफेसर विजय चौरसिया ने बताया कि विशेषज्ञों की सलाह पर जरूरी कदम उठाए गए हैं। विद्यार्थियों को मास्क वितरित करने का भी निर्णय लिया गया है। विद्यार्थियों को संबंधित अफसरों के मोबाइल नंबर दे दिए गए हैं। उनके अभिभावक भी अफसरों के संपर्क में हैं। संस्थान में किसी तरह की खतरे की बात नहीं है।
स्वाइन फ्लू की चपेट में आई ट्रिपलआईटी की छात्रा इससे पहले भी इस बीमारी का शिकार हो चुकी है। एसजीपीजीआई से छात्रा के जांच की रिपोर्ट संस्थान को मिल गई। उसमें बताया गया है कि उसे 2009 में भी स्ववाइन फ्लू हुआ था। माना जा रहा है कि यह वाइरस फिर सक्रिय हो गया है। यदि ऐसा है तो उसमें स्वाइन फ्लू के वाइरस कहीं से आए नहीं हैं और खतरे की भी बात नहीं है। हालांकि यह एक और जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा। इसके लिए छात्रा के ब्लड का सैंपल कानपुर लैब में भेज दिया गया है। इसके अलावा हॉस्टल में पीड़िता के साथ रहने वाली दूसरी छात्रा का सैंपल भी जांच के लिए बुधवार को भेज दिया गया। दोनों सैंपल की रिपोर्ट बृहस्पतिवार तक आने की उम्मीद है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।