स्वाइन फ्लू बीमारी को लेकर शहरियों के बीच गजब की हायतौबा मची हुई है। मेडिकल कालेज चौराहे के पास स्थित एक नर्सिंगहोम में स्वाइन फ्लू मरीज के भर्ती होने की सूचना पर हड़कंप मच गया। सीएमओ डॉ. पद्माकर सिंह के निर्देश पर ‘स्वाइन फ्लू टास्क फोर्स’ की टीम तत्काल नर्सिगहोम पहुंच गई। टीम ने जांच की तो मरीज में स्वाइन फ्लू का एक भी लक्षण नही मिला। टीम में शामिल चिकित्साधिकारियों की मानें तो मरीज को सामान्य, बुखार व जुकाम है। जिसका इलाज किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. पद्माकर सिंह का कहना है कि स्वाइन फ्लू को लेकर डरने की जरूरत कतई नही है। विभागीय स्तर पर मरीजों के इलाज के सारे इंतजाम किए गए हैं।
स्वाइन फ्लू के मद्देनजर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज में आपात बैठक बुलायी गई। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मेडिकल कालेज में बीमारी से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की गई। एसआईसी डॉ. करुणाकर द्विवेदी ने बताया कि एसआरएन अस्पताल में पांच बेड का ‘आइशोलेसन वार्ड’ खोल दिया गया है। जिसमेें पर्याप्त मात्रा में दवाइयों के अलावा गैस सिलेंडर, व अन्य उपकरण लगाए गए हैं। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों से कहा कि जांच के दौरान जिस मरीज में स्वाइन फ्लू बीमारी की आशंका दिखे, उसका परीक्षण तत्काल किया जाय।
सीएमओ डॉ. पद्माकर सिंह की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक की गई जिसमें बीमारी फैलने की स्थिति में उससे निपटने की रणनीति तय की गई। सीएमओ ने सभी एसीएमओ को निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित कराएं कि सीएचसी, पीएचसी प्रभारियों के अलावा सभी डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात है। स्वाइन फ्लू की गंभीरता को देखते हुए किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाय। सीएमओ ने बताया कि बीमारी से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए है। बैठक में एसीएमओ डॉ. दीपेंद्र मालवीय, डॉ. जेएलएल कुशवाहा, डॉ. डीएस चौधरी, डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. गणेश प्रसाद समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
स्वाइन फ्लू के डर से बृहस्पतिवार को भी एसआरएन, बेली, काल्विन में मरीजों की भारी भीड़ रही। स्थिति यह रही कि बेली अस्पताल मेें मरीजों के बीच कई मारपीट की नौबत बनी। एक मरीज को कुछ मरीजो ने मिलकर पीट भी दिया। मारपीट को लेकर हंगामा हो गया। आखिरकार सुरक्षाकर्मियों ने जैसे तैसे स्थिति को संभाला। पिटाई के बाद मरीज ने अधिकारियों से भी शिकायत दर्ज करायी। दूसरी ओर ओपीडी में पहुंचने वाला हर मरीज खुद को स्वाइन फ्लू से ग्रसित बता रहा है। मरीजों के तर्र्कों से डॉक्टर भी परेशान है।