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स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम का चुनाव रद्द

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प्रयागराज। पूर्व कैबिनेट मंत्री रामपुर के सांसद मोहम्मद आजम खां के पुत्र और स्वार से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम खां का निर्वाचन हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। 2017 के विधानसभा चुनाव में अब्दुल्ला स्वार विधानसभा से निर्वाचित हुए थे। उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बसपा उम्मीदवार नवाब काजिम अली ने अब्दुल्ला के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर चुनौती दी थी। आरोप था कि अब्दुल्ला ने चुनाव लड़ने के लिए अपनी गलत जन्म तिथि दिखाई है, जबकि चुनाव के समय उनकी आयु न्यूनतम 25 वर्ष से कम थी।
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हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपों को सही करार देते हुए उनका स्वार विधानसभा से निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है। कोर्ट ने महानिबंधक को आदेश दिया है कि आदेश की प्रति चुनाव आयोग व विधान सभा अध्यक्ष को प्रेषित करें। नवाब काजिम अली खां की चुनाव याचिका पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने सुनवाई की। ।
याचिका में कहा गया कि अब्दुल्ला आजम खां का जन्म एक जनवरी 1993 को हुआ था। उनके शैक्षणिक रिकार्ड और अन्य दस्तावेजों में यही जन्म तिथि अंकित है। इस लिहाज से 2017 में चुनाव के समय उनकी आयु 25 वर्ष से कम थी। इसके समर्थन में अब्दुल्ला के शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। अदालत याची के अलावा अब्दुल्ला की मां तंजीम फातिमा और आजम खां को भी बयान के लिए तलब किया था।
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कोर्ट ने कहा है कि अब्दुल्ला आजम खां की हाईस्कूल में जन्मतिथि एक जनवरी 1993 दर्ज है। उनके पासपोर्ट और वीजा में भी यही जन्म तिथि दर्ज है। तंजीम फातिमा के सर्विस रिकार्ड में भी 1993 ही जन्म तिथि बताई गई है। जबकि तंजीम फातिमा का कहना है कि यह तिथि सही नहीं है। उनके बेटे का जन्म क्वीन्स मैरी हॉस्पिटल लखनऊ में 30 सितंबर 1990 को हुआ था, जो नगर निगम लखनऊ में दर्ज हुआ। 17 जनवरी 2015 को जन्म प्रमाणपत्र की अर्जी दी गई। मजिस्ट्रेट से आदेश के बगैर प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि रिकार्ड में छेड़छाड़ और ओवर राइटिंग की गई है। अस्पताल के रिकार्ड में मेल बेबी का जन्म लिखा है। इससे यह साबित नहीं होता कि वह बच्चा अब्दुल्ला आजम खां ही था। कोर्ट ने कहा कि अब्दुल्ला आजम खां ने वोटर लिस्ट में दर्ज जन्म तिथि के आधार पर चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल किया। इसे जन्म तिथि के लिए ठोस आधार नहीं माना जा सकता ।
कोर्ट ने कहा कि चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करने के समय अब्दुल्ला की उम्र 25 साल नहीं थी। चुनाव के लिए न्यूनतम आयु 25 साल निर्धारित है। इसलिए अब्दुल्ला चुनाव लड़ने की योग्यता धारण नहीं करते थे। कोर्ट ने महानिबंधक को आदेश की प्रति भारत निर्वाचन आयोग और विधानसभा उत्तर प्रदेश के सभापति को देने का निर्देश दिया है, ताकि उचित कार्यवाही की जा सके।
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