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ज्योर्तिमठ पीठ पर स्वरूपानंद का अभिषेक करने वाली कमेटी अमान्य

Tue, 11 Feb 2020 01:02 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज
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swaroopanand ji - फोटो : अमर उजाला
भारत धर्म महामंडल से अलग धड़े के रूप में ज्योर्तिमठ बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य के रूप में स्वामी स्वरूपानंद का अभिषेक करने के बाद गठित कमेटी को सोसाइटी रजिस्ट्रार ने अमान्य कर दिया है।
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शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला
इस कमेटी के चुनाव की वैधता को निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही महामंडल की साधारण सभा की 23 फरवरी को बैठक बुलाई गई है। इसमें स्वामी स्वरूपानंद का ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में अभिषेक करने के बाद बहुमत से महामंडल का समानांतर चुनाव कराकर कमेटी बनाने वाले 22 पदाधिकारियों-सदस्यों का निष्कासन किए जाने के संकेत हैं।
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swami swaroopanand saraswati
भारत धर्म महामंडल की ओर से अलग धड़े के रूप में ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य के तौर पर स्वामी स्वरूपानंद का पट्टाभिषेक करने वालों की डॉ. शशिकांत दीक्षित की ओर से गठित कमेटी केचुनाव को अतिरिक्त रजिस्ट्रार (सोसाइटी) की ओर से अमान्य किए जाने के बाद सनातन धर्म के इस अहम पद पर घमासान मच गया है।

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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के सहायक निबंधक योगेश चंद्र त्रिपाठी ने अपने निर्णय में कहा है कि डॉ. दीक्षित व अन्य के हस्ताक्षर से फर्जी व कूटरचित व बिना अधिवेशन में भाग लिए 36 सदस्यों की उपस्थिति दिखाई गई है। इन सदस्यों के नाम व पहचान को अस्पष्ट दिखाया गया है। इस आधार पर अलग धड़े की कमेटी केचुनाव को निरस्त कर दिया गया।
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स्वामी स्वरूपानंद
सहायक निबंधक ने महामंडल के चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह की ओर से प्रस्तुत कमेटी के चुनाव को विधि मान्य करार दिया है। ज्योतिषपीठ के योग्य शंकराचार्य को नामित करने के लिए अधिकृत आध्यात्मिक संस्था के जनरल सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह ने बताया कि 23 फरवरी को होने वाली साधारण सभा की बैठक में नियम विरुद्ध स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का अभिषेक करने वालों पर कार्रवाई के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
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स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला
उल्लेखनीय है कि हाल में ही गठित ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट में ज्योर्तिमठ बद्रिकाश्रम पीठ के शंकराचार्य के तौर पर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती को नामित किए जाने के बाद यह प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर महामंडल के नाम पर कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से अभिषेक किया था। इनमें तत्कालीन उपाध्यक्ष समेत कुल 22 लोग शामिल हैं। उस समानांतर कमेटी केनिरस्त होने के बाद अब उनके निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी।-प्रो. शंभू उपाध्याय, जनरल सेक्रेटरी, भारत धर्म महामंडल।प्रो. शंभू उपाध्याय, जनरल सेक्रेटरी, भारत धर्म महामंडल।
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ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य के रूप में केंद्र सरकार की ओर से स्वामी वासुदेवानंद को मान्यता देकर सनातन धर्म का ह्रास किया जा रहा है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जगदगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, शंकराचार्य -द्वारका-शारदी पीठ।
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