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Prayagraj: गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहुंचे हाईकोर्ट, अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई

Wed, 25 Feb 2026 03:11 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अग्रिम जमानत याचिका की प्रति शासकीय अधिवक्ता कार्यालय को सौंपी है। रिपोर्टिंग की प्रक्रिया के बाद मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। 
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप से घिरे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एक जाने-माने धर्मगुरु के शिष्य की ओर से नाबालिगों के संरक्षक के रूप में प्रयागराज के झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। 

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शंकराचार्य के अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्रीप्रकाश की ओर से मंगलवार को अग्रिम जमानत याचिका की प्रति शासकीय अधिवक्ता के कार्यालय को प्राप्त कराई गई है। इसके बाद याचिका हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में दाखिल होगी। रिपोर्टिंग की प्रक्रिया से गुजरने के बाद मामला कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

याचिका में तर्क... झूठे और घृणित मामले में फंसाने का षड्यंत्र  
याचिका में तर्क दिया गया है कि शंकराचार्य निर्दोष हैं। राजनीतिक दुर्भावना के कारण उन्हें झूठे और घृणित मामले में फंसाने का षड्यंत्र रचा गया है। इस मुकदमे के बहाने उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। वह पुलिस जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए।

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