इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के प्रो. शैल कुमार चौबे को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने रजिस्ट्रार और कुलपति की ओर से 26 जून 2025 को पारित निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के प्रो. शैल कुमार चौबे को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने रजिस्ट्रार और कुलपति की ओर से 26 जून 2025 को पारित निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही निर्देश दिया है कि पूरा मामला विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के पास विचार के लिए भेजा जाए।
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यह आदेश न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह की अदालत ने दिया है। प्रो.चौबे ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर निलंबन आदेश को चुनौती दी थी। उन पर छात्राओं ने आरोप लगाया है। याची अधिवक्ता ने दलील दी कि यह आदेश 24 अप्रैल 2025 को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के खिलाफ है। उस फैसले में कोर्ट ने विश्वविद्यालय को चौबे को प्रोफेसर पद पर बहाल करने का निर्देश दिया था। विश्वविद्यालय ने इस आदेश को लागू करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था लेकिन 28 मई को कोर्ट ने यह आवेदन खारिज कर दिया था।
वहीं, विश्वविद्यालय की ओर से दलील दी गई कि निलंबन आदेश खंडपीठ के आदेश के खिलाफ नहीं है। 23 जुलाई 2025 को कार्यकारी परिषद का गठन किया गया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश रद्द कर दिया। साथ ही आदेश दिया कि विश्वविद्यालय दो सप्ताह के भीतर सभी दस्तावेज कार्यकारी परिषद के सामने प्रस्तुत करे और परिषद प्रो.चौबे को सुनवाई का अवसर देकर शीघ्र निर्णय ले।