-ग्रहण के वक्त कुछ भी खाने-पीने से बचना चाहिए
- किसी भी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य स्थगित रहेंगे।
-ग्रहण काल में गर्भवती महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलें
-गर्भस्थ शिशु पर प्रतिकूल असर पड़ने की रहती है आशंका
सूर्यग्रहण के राशियों पर प्रभाव
मेष- मारक, कष्टकारी
बृष- अशुभ, व्यापार और मैत्री संबंधों के लिए प्रतिकूल
मिथुन-शुभ, शत्रुनाश
कर्क-प्रगति और संतान के लिए लाभदायक
सिंह- कष्टकारी, धनहानि, माता को कष्ट
कन्या- शुभ, पराक्रम में वृद्धि
तुला- व्यय, परिवार में कलह
बृश्चिक- हानि, कष्ट
धनु- खर्च, चिंता में वृद्धि, व्यर्थ की भागदौड़
मकर- अति शुभ
कुंभ- सामान्य
मीन- आजीविका में बाधा
वर्ष-2020 का आखिरी सूर्यग्रहण सोमवार को लगेगा। अगहन मास की सोमवती अमावस्या के साथ जब यह सूर्य ग्रहण लगेगा, तब पांच ग्रह सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र और केतु वृश्चिक राशि में रहेंगे। जबकि, ग्रहण के दौरान सूर्य ज्येष्ठा नक्षत्र में धनु राशि पर होंगे। यह सूर्य ग्रहण सात राशियों पर अशुभ प्रभाव डालेगा। हालांकि इस अनूठी खगोलीय घटना का नजारा इस बार लोग चाह कर भी इसलिए नहीं ले सकेंगे, क्योंकि यह पूर्ण सूर्य ग्रहण रात को लगेगा। सोमवती अमावस्या के साथ इस ग्रहण काल में पितृदोष से मुक्ति और शांति के लिए भी उपाय किए जाएंगे। इस दिन बरगद, पीपल, तुलसी और आम के पौधे घर में लगाने से सौभाग्य और शांति की प्राप्ति के संयोग हैं।
पंचांग के अनुसार सोमवार की शाम 7:03 बजे से सूर्यग्रहण आरंभ होगा। इस ग्रहण का रात 9:43 बजे मध्यकाल और रात 12:23 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा। इससे पहले भारत में 21 जून को सूर्यग्रहण दिखाई दिया था। साल के इस आखिरी सूर्य ग्रहण की विशेषता यह है कि इसमें सूतक काल की मान्यता नहीं होगी। इस वजह से मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे, लेकिन ग्रहण की धार्मिक मान्यता का पालन किया जाएगा।
संगम के अलावा गंगा, यमुना के तटों व उपासना स्थलों पर भगवान सूर्य के मोक्ष के लिए जतन किए जाएंगे। क्रिसमस से पहले इस खगोलीय घटना को ज्योतिषी खास मान रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार यह सूर्य ग्रहण रात को लगने की वजह से सूतक को लेकर इसका कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा। यह सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि में पांच ग्रहों की उपस्थिति के साथ ज्येष्ठा नक्षत्र में लगेगा। ज्योतिषियों के अनुसार यह ग्रहण उस समय लगेगा , जब सूर्य धनु राशि की कक्षा में प्रवेश करेंगे। धनु संक्रांति के साथ सूर्यग्रहण खास माना जा रहा है। धनु संक्रांति 15 दिसंबर से 14 जनवरी 2021 को मकर संक्रांति आने तक रहेगी।