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यूपी : सुर्पनखा ने कराया सपा नेताओं के बीच ट्विटर युद्ध, ऋचा सिंह ने अपने पार्टी के नेता को घेरा

Tue, 27 Dec 2022 01:07 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पूरी बहस पर ऋचा सिंह का कहना है कि किसी भी महिला के लिए अपशब्द कहना उचित नहीं है। उनका कहना है कि वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रा रह चुकी हैं और खुद भी महिला हैं। महिला किसी भी विचारधारा की हो, वह इस तरह के बयान को स्वीकार नहीं कर सकतीं।
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सपा नेता डॉ. ऋचा सिंह के द्वारा किया गया ट्वीट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दूसरे दल की एक महिला नेता को सूर्पनखा कहे जाने पर सपा के ट्विटर हैंडल पर दो नेताओं के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई। शहर पश्चिमी से सपा के टिकट पर दो बार चुनाव लड़ चुकीं डॉ. ऋचा सिंह ने पार्टी के एक नेता की टिप्पणी पर विरोध जताया तो वह अपने ही दल के नेताओं के निशाने पर आ गईं। पूर्व मंत्री आईपी सिंह समेत अन्य नेताओं ने रिचा सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

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पार्टी के अधिकृत ट्विटर हैंडल पर एक नेता ने अन्य दल की महिला के लिए सूर्पनखा शब्द का उपयोग किया है। इस पर ऋचा सिंह ने आपत्ति जताने के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी टैग किया। उनका कहना है कि किसी भी महिला को सूर्पनखा या पूतना संबोधित किया जाना बेहद निंदनीय है, वह किसी भी पार्टी या विचारधारा की हो, इस तरह के शब्दों का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को इसका संज्ञान लेना चाहिए।

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ऋचा सिंह के ट्वीट पर आईपी सिंह ने लिखा है कि सवाल बीजेपी से पूछने के बजाय आप खुद सपा से कर रही हैं। सुचिता तार-तार करने वाली भाजपा और भाजपा के लोग हैं। इन दोनों नेताओं के इस तरह के बयानों के बाद कई अन्य कार्यकर्ता भी इस बहस में कूद पड़े और ऋचा सिंह पर हमलावर रहे। कार्यकर्ताओं ने यह तक ट्वीट किया है कि अखिलेश भैया अब ऋचा सिंह को टिकट मत दीजिएगा। यह भी लिखा है कि ऋचा सिंह की पहचान सपा से टिकट मिलने के बाद ही हुई। इसका आकलन वह खुद भी कर सकती हैं।

इस पूरी बहस पर ऋचा सिंह का कहना है कि किसी भी महिला के लिए अपशब्द कहना उचित नहीं है। उनका कहना है कि वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रा रह चुकी हैं और खुद भी महिला हैं। महिला किसी भी विचारधारा की हो, वह इस तरह के बयान को स्वीकार नहीं कर सकतीं।



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