इसी तरह डॉ. घनश्याम मिश्र ने बूस्टर डोज के साथ ही बच्चों को मंगलटीका तेजी से लगवाने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि बस सजगता ही इस वैरिएंट से बचाव का उपाय है। मेडिकल कॉलेज के डॉ. मनीष केशरी के अनुसार हमारी तैयारी इस बार पहले की तुलना में बहुत अच्छी है। अस्पताल अपग्रेडेड हो चुके हैं। अभी बहुत लोगों ने वैक्सीन नहीं ली है। ऐसे में भीड़ में जाने से बचना चाहिए। नाक-कान, गला विशेषज्ञ डॉ. एलएस ओझा का कहना था कि मॉस्क ठीक से लगाएं और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते रहें। इस तरह एहतियात बरतने पर बीएफ.7 फैलने के बाद भी परेशान नहीं कर सकेगा।
ऑक्सीजन- बेड और वेंटिलेटर सब दुरुस्त, चिंता की बात नहीं: डॉ. एसपी सिंह
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एसपी सिंह ने कोरोना के नए वैरिएंट से निबटने के इंतजामों पर एक-एक कर जानकारी दी। उन्होंने सेकेंड और थर्ड वेब की चिंताओं का जिक्र किया। बताया कि पहले बेड कम थे। आक्सीजन की भी कमी की बात एक बार आई थी। लेकिन, अब हमारी तैयारी समय रहते दुरुस्त है। हर बेड तक ऑक्सीजन की पाइप लाइन पड़ चुकी है। बेड पर्याप्त हैं। वेंटिलेटर भी पर्याप्त हैं। आक्सीजन पाइप लाइन, प्लांट, उपकरण दुरुस्त कर लिए गए हैं। सिर्फ लापरवाही से बचने की जरूरत है। हम मुस्तैदी से लड़ने और इस संक्रमण से पार पाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सामान्य मरीजों के लिए खुले रहेंगे अस्पताल
केंद्र और राज्य स्तर पर कोरोना के नए वैरिएंट से लड़ने के लिए की गई तैयारियों की प्रमुख सचिव के स्तर पर समीक्षा कर ली गई है। इस बार स्पष्ट कर दिया गया है कि अस्पताल बंद नहीं किए जाएंगे। सामान्य मरीजों का उपचार होता रहेगा।