नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना का काफिला आने से पहले बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस के सामने टूटी सड़कों, बहते नालों के अलावा बारिश में जल भराव से शहर की बदहाली को लेकर कांग्रेसजनों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी नगर विकास मंत्री वापस जाओ...शहर की बदहाली दूर करो... गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसरों पर कार्रवाई करो... जैसे नारे लगा रहे थे। इस दौरान स्थिति तब असहज हो गई , जब सर्किट हाउस के द्वार पर मंत्री का रास्ता रोक कर खड़े कांग्रेसियों के विरोध में भाजयुमो के कार्यकर्ता आ गए और हाथापाई होने लगी। धक्कामुक्की होने पर वहां मौजूद आईजी रमित शर्मा ने हस्तक्षेप किया। अंतत: हंगामे की वजह से नगर विकास मंत्री सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक करने नहीं आ सके। अफसरों के साथ कुंभ के कार्यों के अलावा अन्य विकास योजनाओं की समीक्षा मंत्री ने पुलिस लाइन में की।
दोपहर करीब दो बजे नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना का काफिला सर्किट हाउस पहुंचने वाला था, इससे पहले ही वहां कांग्रेसियों ने नारेबाजी के साथ हंगामा मचाना शुरू कर दिया। शहर की बदहाली दूर करो, नगर विकास मंत्री इस्तीफा दो.. गलियां-सड़कें ठीक करो, जल भराव से मुक्ति दिलाओ, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई हाय हाय, नगर विकास मंत्री वापस जाओ... के नारे गूंजने लगे। इस दौरान सर्किट हाउस में मंत्री से मिलने के लिए पहले से पहुंचे भाजयुमो के कुछ कार्यकर्ता बाहर निकल आए और कांग्रेसियों से उनकी नोकझोंक शुरू हो गई।
बवाल बढ़ते देख एसओ कैंट और अन्य पुलिस के अधिकारियों ने प्रर्शनकारियों को घेर लिया, तो कुछ कांग्रेसी सड़क पर बैठ गए। कड़े विरोध के चलते मंत्री सर्किट हाउस नहीं आ सके और उन्हें पुलिस लाइन में अफसरों को बुलाकर समीक्षा बैठक करनी पड़ी। इस बीच हंगामा मचा रहे कांग्रेस के जिला महासचिव हसीब अहमद, पार्षद नफीस अनवर, नागेंद्र मिश्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इन नेताओं को कैंट थाने ले जाया गया। वहां से रात आठ बजे उनको रिहा किया गया। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी, नफीस कुरैशी, सईद अहमद, इम्तियाज अहमद, सुरेंद्र कुशवाहा, सुशील भारतीया, राजाराम कन्नौजिया, शादाब अहमद समेत दो दर्जन से अधिक कांग्रेसी शामिल थे।