दवा कारोबारियों के मुताबिक प्लेटलेट्स बढ़ाने में कारगर होम्योपैथी दवा ऑप्टोरियम अप बाजार में उपलब्ध ही नहीं है जबकि इसकी मांग सबसे अधिक है। बाजार में कई कंपनियां पपीता के पत्तों से बनी दवा बना रही हैं। हालांकि इनसे कितना फायदा होता है, इसे कहा नहीं जा सकता है। लेकिन, लोग खुद ही इन दवाओं को खरीदकर इनका उपयोग कर रहे हैं।
वहीं जीवन रक्षक दवाओं और कई बीमारियों में नियमित रूप से लेने वाली दवाओं के दामों में भी पहले की अपेक्षा वृद्धि हुई है। इससे इन दवाओं का सेवन करने वाले लोगों की जेब पहले की अपेक्षा अधिक ढीली हो रही है। दवा कारोबारी भी दवाओं के दाम बढ़ने को लेकर परेशान हैं। फुटकर कारोबारियों का कहना है कि आम लोग दवा लेते समय दाम बढ़ने को लेकर झिकझिक करते हैं।
दवाएं पुराना दाम नया दाम उपयोग
एनाप्रिल एचटी 143 रुपये 156 रुपये ब्लडप्रेशर
मेटोलार एक्सआर 97 रुपये 107 रुपये ब्लडप्रेशर
टेल्मा सीएच 40 212 रुपये 233 रुपये ब्लडप्रेशर, कैलोस्ट्राल
नॉरफ्लाक्स टीजेड 97.72 रुपये 107.48 रुपये लूज मोशन, यूरिन इंफेक्शन
एमारिल 2 एमजी 191 रुपये 212 रुपये शुगर
जालफ्रेस 10 142 रुपये 157 रुपये तनाव, अनिद्रा, बेचैनी, घबराहट
एंटी बॉयोटिक और प्लेटलेट्स की दवाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। इससे बाजार में मांग की अपेक्षा उनकी कमी है। वहीं कई अन्य बीमारियों में प्रयोग होने वाली दवाओं के दामों में भी वृद्धि हुई है। - परमजीत सिंह बग्गा, अध्यक्ष प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन (थोक)
एंटी बॉयोटिक की डेंगू में कोई भूमिका नहीं है। उसके बाद भी इस समय पपीते के पत्ते से बनी दवाओं की मांग बढ़ी है। फार्मा कंपनियों ने इनके दाम में 25 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। - लालू मित्तल, अध्यक्ष प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन (फुटकर)