Superintendent of Tarachand requested for protection from High Court
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के ताराचंद हॉस्टल के अधीक्षक डॉ. राकेश सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि छात्रसंघ के निवर्तमान महामंत्री शिवम सिंह उन्हें लगातार धमकी दे रहे हैं। शिवम के खिलाफ डॉ. राकेश ने तीन एफआईआर भी दर्ज कराई है लेकिन, इस मामले में पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। डॉ. राकेश ने अपनी याचिका में मांग की है कि एफआईआर के आधार पर जांच कराकर कार्रवाई की जाए।
हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राकेश सिंह को नवंबर 2018 में ताराचंद हॉस्टल का अधीक्षक नियुक्त किया गया था। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में इविवि प्रशासन ने जिला और पुलिस प्रशासन के सहयोग से पिछले साल जनवरी एवं फरवरी में हॉस्टलों में अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान ताराचंद हॉस्टल में भी बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा मिला था और महामंत्री शिवम सिंह पर दस कमरों पर कब्जा करने का आरोप लगा था। शिवम एबीवीपी के कार्यकर्ता भी हैं। मामले में इविवि प्रशासन की ओर से शिवम सिंह को नोटिस जारी किया गया था।
डॉ. राकेश सिंह का आरोप है कि शिवम ने इस कार्रवाई को व्यक्तिगत दुश्मनी के तौर पर ले लिया और कई बार फोन पर जान से मारने की धमकी दी। जिस दिन प्रो. रतन लाल हांगलू ने इस्तीफा दिया, उसके अगले ही दिन शिवम ने फोन पर धमकी दी कि हॉस्टल छोडे़ दें, वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा। जिस दिन कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने कार्यभार संभाला, उस दिन भी शिवम ने वीसी दफ्तर के सामने अपने कुछ साथियों के साथ धमकी दी। डॉ. राकेश के मुताबिक इसी वजह से उन्होंने अधीक्षक पद से इस्तीफा भी दे दिया है और हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई है। डॉ. राकेश का कहना है कि उन्होंने हलफनामे के जरिये सीएम, डीजीपी, कुलपति, रजिस्ट्रार, चीफ प्रॉक्टर से भी शिकायत की है।
अधीक्षक को नहीं दी गई कोई धमकी: शिवम
शिवम सिंह का कहना है कि अधीक्षक डॉ. राकेश सिंह को कोई धमकी नहीं दी गई। हॉस्टल में उन्होंने तानाशाही की और छात्र प्रतिनिधि के रूप में जब मैंने जवाब मांगा तो मुझसे भिड़ गए। शिवम का आरोप है कि इविवि में नए कार्यवाहक की नियुक्ति के बाद माहौल शांत है और प्रो. हांगलू के करीबियों को यह अच्छा नहीं लग रहा, इसलिए वह अनर्गल आरोप लगाकर विश्वविद्यालय के माहौल को अशांत करने की साजिश कर रहे हैं। शिवम का कहना है कि पुलिस उनकी डिटेल निकवाकर जांच कर सकती है। सबकुछ साफ हो जाएगा। अधीक्षक कोई भी हो, छात्रों से दुर्व्यवहार होगा तो मैं सवाल करूंगा।