हॉस्टलों में वॉश आउट से पहले समर हॉस्टल के लिए डेढ़ सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए हैं। समर हॉस्टल के आवंटन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्क्रीनिंग और आवंटन कमेटी का गठन कर दिया है। स्क्रीनिंग का काम 13 मई से शुरू हो जाएगा और 16 मई को आवेदकों को समर हॉस्टल आवंटित कर दिए जाएंगे। सभी छात्रों को 18 मई तक हॉस्टल छोड़ने के लिए कहा गया है। छात्र-छात्राओं को अपन कमरे की चाभी अधीक्षक को सौंपनी होगी और विश्वविद्यालय की ओर से दिए गए कुर्सी, मेज और तख्त को भी कमरे में छोड़ना होगा। 20 मई से वॉश आउट की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों के लिए एएन झा छात्रावास, ट्रस्ट के छात्रों के लिए केपीयूसी और महिला हॉस्टलों में रहने वाली छात्राओं के लिए कल्पना चावला छात्रावास को समर हॉस्टल बनाया गया है। एएनझा हॉस्टल में 166 छात्र, केपीयूसी में 168 छात्र और कल्पना चावला हॉस्टल में 124 छात्राएं रह सकती हैं। शुक्रवार को समर हॉस्टल के लिए आवेदन की अंतिम तिथि थी। डीएसडब्ल्यू प्रो. आरकेपी सिंह ने बताया कि समर हॉस्टल के लिए डेढ़ सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए हैं और इनमें से तकरीबन 10 छात्र-छात्राएं दिव्यांग हैं।
बता दें कि विश्वविद्यालय ने हॉस्टल में वॉश आउट के लिए जो कार्यक्रम निर्धारित किया है, उसके तहत 20 मई को एएन झा, केपीयूसी, कल्पना चावला छात्रावास, 21 मई को हिंदू हॉस्टल, मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल, 22 मई को हॉलैंड हॉल, एसडी जैन छात्रावास, 23 मई कोक राधाकृष्णन हॉस्टल, शताब्दी ब्वॉयज, हॉल ऑफ रेजिडेंस गर्ल्स हॉस्टल, 24 मई को जीएन झा, पीसीबी छात्रावास, 25 मई को सर सुंदर लाल, डायमंड जुबली छात्रावास, 26 मई को ताराचंद छात्रावास और 27 मई को सरोजनी नायडू, शताब्दी गर्ल्स, प्रियदर्शनी, महादेवी वर्मा गर्ल्स हॉस्टल में कार्रवाई प्रस्तावित है।
समर हॉस्टल दो श्रेणियों में छात्र-छात्राओं को आवंटित किए जाएंगे। पहली श्रेणी में वे शोध छात्र-छात्राएं हैं, जिन्हें शोध में प्रवेश के लिए तीन साल पूरे नहीं हुए हैं और अर्हता एवं वैधता बाकी है। इसके अलावा दूसरी श्रेणी में उन छात्र-छात्राओं को समर हॉस्टल दिए जाएंगे, जिनकी वैधता एवं अर्हता हो और वे संघ लोक सेवा आयोग, किसी भी राज्य के लोक सेवा आयोग या किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा के मेंस में शामिल होने जा रहे हैं।